नवजात बच्ची सुरक्षित मिली, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नागपुर के डागा स्मृति शासकीय स्त्री रुग्णालय से अपहरण की गई नवजात बच्ची के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। बुरखा पहने संदिग्ध महिला जिस रास्ते से नवजात को लेकर अस्पताल से बाहर निकली, वहां लगे कई सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए।
शासकीय योजनाओं का झांसा देकर बच्ची को ले गई संदिग्ध महिला
प्रभा शक्ति पाठराबे (30) ने शुक्रवार रात एक बच्ची को जन्म दिया था। शनिवार सुबह बुरखा पहने एक अनजान महिला उनके परिजनों के पास पहुंची। उसने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर परिवार का विश्वास जीता।
संदिग्ध महिला ने योजनाओं के लिए आवेदन करने की बात कहते हुए नवजात बच्ची के साथ मौजूद वृद्ध महिला को अपने साथ ओपीडी की ओर चलने के लिए कहा। इसके बाद आवेदन करके आने की बात कहकर उसने वृद्ध महिला की नजर बचाई और नवजात बच्ची को लेकर अस्पताल से फरार हो गई।
अस्पताल में 28 सीसीटीवी, 6 कैमरे बंद
अस्पताल में कुल 28 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 22 कैमरे चालू, जबकि 6 कैमरे बंद होने की जानकारी सामने आई है। संदिग्ध महिला ने जिस रास्ते का इस्तेमाल किया, वह बंद कैमरों वाले क्षेत्र में आता है।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला ने संयोगवश इस रास्ते का इस्तेमाल किया या उसे अस्पताल के ब्लाइंड स्पॉट की पहले से जानकारी थी।
18 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद सवाल
अस्पताल में कुल 18 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। सुबह की पाली में 8, दोपहर में 6 और रात में 4 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी रहती है। इसके बावजूद एक अनजान महिला नवजात बच्ची को लेकर अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों से गुजरती हुई बाहर निकल गई।
इससे सुरक्षा कर्मचारियों की सतर्कता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने गठित की जांच समिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच समिति गठित की है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप मडावी के मार्गदर्शन में प्रसूति विभाग से लेकर ओपीडी तक कार्यरत डॉक्टरों, परिचारिकाओं, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
बंद सीसीटीवी और ब्लाइंड स्पॉट की होगी जांच
नवजात बच्ची सुरक्षित मिल गई है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, बंद सीसीटीवी कैमरों और ब्लाइंड स्पॉट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि कैमरे बंद क्यों थे और सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक आखिर कैसे हुई।

