नागपुर: विदर्भ क्षेत्र में बढ़ती भीषण गर्मी (हीटवेव) ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खासतौर पर मौसंबी और संतरा उत्पादक किसानों को इस गर्मी का बड़ा झटका लगा है, जिससे बागानों में भारी नुकसान की स्थिति बन गई है।
हीटवेव का बढ़ता प्रकोप
विदर्भ में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जिससे ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं।
मौसंबी बागानों को भारी नुकसान
भीषण गर्मी के चलते मौसंबी के फलों पर प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। फलों का आकार छोटा रह रहा है और कई जगहों पर फल झड़ने की समस्या बढ़ गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।
संतरा उत्पादक भी परेशान
सिर्फ मौसंबी ही नहीं, बल्कि संतरा बागानों को भी गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। तापमान अधिक होने से पेड़ों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे फलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
गर्मी के कारण सिंचाई के लिए पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। कई किसानों के पास पर्याप्त जलस्रोत नहीं हैं, जिससे बागानों को बचाना मुश्किल हो रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
इस स्थिति के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सताने लगा है। यदि यही हालात बने रहे, तो आने वाले समय में उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
प्रशासन और विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और नियमित सिंचाई जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि गर्मी के असर को कुछ हद तक कम किया जा सके।

