नागपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। पिछले 10 दिनों के भीतर शहर में 13 अज्ञात लोगों की मौत हुई है, जिन्हें प्रारंभिक तौर पर सनस्ट्रोक (लू लगने) से जुड़ा मामला माना जा रहा है। लगातार बढ़ते तापमान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
भट्टी जैसा महसूस हो रहा नागपुर
इन दिनों नागपुर का मौसम किसी जलती भट्टी से कम नहीं लग रहा। हालात ऐसे हैं कि घरों के अंदर बैठने पर भी लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। पंखे और कूलर भी राहत देने के बजाय गर्म हवा फेंकते नजर आ रहे हैं।
रात में भी नहीं मिल रही राहत
दोपहर के समय शहर की सड़कें लगभग सूनी दिखाई दे रही हैं, लेकिन असली परेशानी रात के समय महसूस हो रही है। आधी रात के बाद भी मौसम गर्म बना हुआ है, जिससे लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
बेघर लोगों पर सबसे ज्यादा असर
इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिनके पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है। फुटपाथों, पुलों के नीचे और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों के लिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
लगातार बढ़ते तापमान और संदिग्ध मौतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी जा रही है।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

