विसर्जन के बाद फिर सामने आई समस्या
वाडी: गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद भी प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के प्रबंधन की समस्या सामने आ रही है। वाडी के विभिन्न स्थानों पर विसर्जन के बाद POP की मूर्तियां खुले में पड़ी दिखाई दे रही हैं। पानी में पूरी तरह नहीं घुलने वाली इन मूर्तियों के कारण धार्मिक मूर्तियों की विटंबना और पर्यावरण को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
POP मूर्तियों के निर्माण पर सख्त प्रतिबंध की मांग
नागरिकों ने POP मूर्तियों के निर्माण और उपयोग पर कठोर प्रतिबंध लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि मूर्तियों की स्थापना और विसर्जन केवल गणेशोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजनों में होता रहता है।
मिट्टी की पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों को दें प्राथमिकता
नागरिकों ने अपील की है कि लोग POP की मूर्तियां खरीदने से बचें और मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों को प्राथमिकता दें। साथ ही स्थानीय मिट्टी के मूर्तिकारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन की ओर से भी प्रयास किए जाने की मांग की गई है।
‘मूर्ति सम्मान अभियान’ चलाने की मांग
विसर्जन के बाद मूर्तियों की विटंबना रोकने के लिए गणेश मंडलों से स्वयंसेवक दल गठित करने और बची हुई मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर एकत्रित करने की अपील की गई है। स्थानीय प्रशासन से ‘मूर्ति सम्मान अभियान’ चलाने की मांग भी की गई है, ताकि मूर्तियों के संग्रह से लेकर उचित निपटान तक व्यवस्थित व्यवस्था की जा सके।
पर्यावरण और धार्मिक भावनाओं की सामूहिक जिम्मेदारी
नागरिकों के अनुसार धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से विसर्जन के बाद POP मूर्तियों की दुर्दशा और पर्यावरणीय नुकसान को कम किया जा सकता है।
जनजागरूकता के साथ प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी
सामाजिक संस्थाओं से इस विषय पर जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई है। नागरिकों का कहना है कि POP मूर्तियों पर प्रभावी नियंत्रण, नियमों का पालन और लोगों की भागीदारी के जरिए इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।

