8 सराफा व्यापारियों को धमकी देने वाले आरोपी तक पहुंची पुलिस! खामला के पोस्ट बॉक्स से भेजे गए थे फिरौती के पत्र, ₹80 लाख की मांग से मचा हड़कंप

नागपुर: नागपुर के इतवारी और गांधीबाग क्षेत्र के 8 सराफा व्यापारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर कुल 80 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। जांच में सामने आया है कि व्यापारियों को भेजे गए धमकी भरे पत्र खामला क्षेत्र के एक पोस्ट बॉक्स में डाले गए थे। अब पुलिस पोस्ट बॉक्स के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पत्र डालने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।

मामले में तहसील पुलिस ने नंदनवन निवासी और न्यू इतवारी रोड स्थित दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नेहल टिंकहेड़े की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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खामला के पोस्ट बॉक्स से भेजे गए थे धमकी भरे पत्र

पुलिस जांच के अनुसार, धमकी भरे पत्र 20, 21 और 22 अक्टूबर को तीन अलग-अलग तारीखों में पोस्ट किए गए थे। सभी पत्र खामला क्षेत्र के एक पोस्ट बॉक्स में डाले गए थे। वहां से इन्हें त्रिमूर्ति नगर पोस्ट ऑफिस भेजा गया और फिर इतवारी क्षेत्र के संबंधित सराफा व्यापारियों तक पहुंचाया गया।

पुलिस अब पोस्ट बॉक्स के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही है, ताकि पत्र डालने वाले आरोपियों की पहचान की जा सके।

महिला ने ज्वेलर्स को दिया 8 पत्रों से भरा लिफाफा

इस मामले में 31 अक्टूबर को एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया। दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच एक अज्ञात महिला ने नेहल टिंकहेड़े की दुकान पर पहुंचकर डाक टिकट खरीदने के लिए 10 रुपये मांगे और उन्हें एक लिफाफा सौंप दिया।

महिला के जाने के बाद जब टिंकहेड़े ने लिफाफा खोला, तो उसमें एक धमकी भरे पत्र के साथ सात अन्य लिफाफे भी मिले। इन सात लिफाफों पर गांधीबाग क्षेत्र के अन्य सराफा व्यापारियों के नाम और पते लिखे हुए थे।

पुलिस अब महिला की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरे पत्र व्यापारियों तक पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका थी।

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हर व्यापारी से 10 लाख की मांग, तीन दिन का अल्टीमेटम

धमकी भरे पत्र में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मुंबई के शूटरों का हवाला दिया गया था। इसमें प्रत्येक व्यापारी से 10 लाख रुपये, यानी कुल 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।

पत्र में व्यापारियों को तीन दिन के भीतर रकम की व्यवस्था करने का अल्टीमेटम दिया गया था। पैसे नहीं देने पर व्यापारियों और उनके परिवार के सदस्यों की गला रेतकर हत्या करने की धमकी दी गई थी।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने पुलिस के पास जाने पर भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। कथित तौर पर फिरौती की रकम देने के बाद दुकानों के प्रवेश द्वार पर ‘जय श्रीराम’ का पोस्टर लगाने का निर्देश भी दिया गया था।

इस घटना के बाद शहर के सराफा व्यापारियों में दहशत का माहौल है।

डीसीपी राहुल मदने ने व्यापारियों को दिया सुरक्षा का भरोसा

घटना की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को पुलिस उपायुक्त राहुल मदने और तहसील पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक संजय मेंढे ने नागपुर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक की।

बैठक में डीसीपी राहुल मदने ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही व्यापारियों से अपील की गई है कि मामले से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

वहीं, गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर ने भी सराफा एसोसिएशन से संपर्क कर मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

डेढ़ महीने पहले भी एक ज्वेलर्स को मिली थी ऐसी धमकी

बैठक के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रतापनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले महालक्ष्मी ज्वेलर्स, जिसका संचालन भुजाड़े करते हैं, को करीब डेढ़ महीने पहले इसी तरह का धमकी भरा पत्र मिलने की बात सामने आई है।

सराफा व्यापारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए सवाल उठाया कि यदि पहले मिले धमकी भरे पत्र को गंभीरता से लिया जाता और उस समय ही एफआईआर दर्ज कराई जाती, तो संभव है कि आठ अन्य व्यापारियों को मिली ताजा धमकियों को रोका जा सकता था।

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से वास्तविक संबंध की जांच जारी

फिलहाल पुलिस के लिए खामला का पोस्ट बॉक्स सबसे अहम सुराग बना हुआ है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पत्र किसने पोस्ट किए और क्या आरोपियों का वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है या फिर व्यापारियों को डराकर फिरौती वसूलने के लिए केवल गैंग के नाम का इस्तेमाल किया गया है।

पुलिस इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई गैंग से आरोपियों का वास्तविक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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