कुही: नागपुर जिले के कुही तहसील में बारिश की कमी और बढ़ते तापमान के कारण धान की फसल पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। तहसील में करीब 10,123 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल पीली पड़ने लगी है, जबकि कई खेतों में पानी के अभाव में जमीन में दरारें पड़ गई हैं। फसल पर तुडतुड़ा और सफेद मक्खी का प्रकोप बढ़ने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए किसानों ने महावितरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर लगातार एक महीने तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि बिजली आपूर्ति तत्काल सुचारु नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
10,123 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित
बारिश नहीं होने के कारण कुही तहसील में धान की फसल तेजी से प्रभावित हो रही है। करीब 10,123 हेक्टेयर क्षेत्र में धान के पौधे पीले पड़ने लगे हैं। कई खेतों की जमीन सूखकर फट गई है। किसानों के अनुसार समय पर पानी नहीं मिला तो फसल पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है।
धान पर तुडतुड़ा और सफेद मक्खी का प्रकोप
बारिश की कमी के साथ धान की फसल पर तुडतुड़ा और सफेद मक्खी जैसे कीटों का प्रकोप भी बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि फसल को बचाने के लिए सिंचाई के साथ-साथ समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करना जरूरी है।
24 घंटे बिजली मिलने पर ही फसल बचने की उम्मीद
किसानों का कहना है कि यदि एक महीने तक लगातार 24 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाती है, तो मोटर पंप के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचाकर कुछ हद तक फसल को बचाया जा सकता है। बिजली की कमी के कारण सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
‘पानी और दवा का छिड़काव नहीं हुआ तो फसल हाथ से जाएगी’
किसान रमेश सायरे ने कहा कि धान की फसल पर कई तरह के रोग और कीटों का प्रकोप है तथा खेतों में दरारें पड़ चुकी हैं। उनके अनुसार एक महीने तक अखंडित बिजली मिलती है तो फसल से कुछ उत्पादन मिलने की उम्मीद है, अन्यथा किसानों के सामने पूरे वर्ष आर्थिक और खाद्य संकट खड़ा हो सकता है।
बिजली नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने महावितरण से तत्काल बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। राजहंस थुटे के अनुसार बिजली कटौती के कारण कीटनाशक का छिड़काव करना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना है कि बिजली उपलब्ध होने पर ही सिंचाई और फसल बचाने के अन्य उपाय संभव होंगे।
किसानों ने महावितरण को सौंपा ज्ञापन
इस संबंध में किसानों ने महावितरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एक महीने तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की। इस दौरान रमेश सायरे, सरपंच नितेश मेश्राम, राजहंस थुटे, विलास खेडेकर, विनायक गेडेकर और उल्हास मेश्राम सहित अन्य किसान उपस्थित थे। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर तीव्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

