नागपुर में मादक पदार्थ एमडी (मेफेड्रोन) की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर की युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में लेने वाला यह नशा अब सामाजिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। हैरानी की बात यह है कि हाईटेक पुलिस व्यवस्था के बावजूद तस्कर खुलेआम इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
एमडी तस्करी का बढ़ता जाल और पुलिस की चुनौती
नागपुर के अलग-अलग इलाकों में एमडी पाउडर की उपलब्धता बेहद आसान हो गई है। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है, आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय बना हुआ है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस सिर्फ छोटे आरोपियों तक सीमित रह गई है, जबकि असली सरगना अब भी पकड़ से बाहर हैं।
साढ़े पांच महीनों में 5 करोड़ की एमडी जब्त
पिछले साढ़े पांच महीनों के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाते हैं:
- 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की एमडी पाउडर जब्त
- 9 किलो से ज्यादा ड्रग्स बरामद
- 66 आरोपियों की गिरफ्तारी
इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद तस्करी में कोई कमी नहीं आना चिंता का विषय है। इससे संकेत मिलता है कि ड्रग्स का यह नेटवर्क काफी संगठित और मजबूत है।
तस्करों की हाईटेक चालें, पुलिस भी हैरान
जांच में सामने आया है कि तस्कर अब आधुनिक और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- वाहन में गुप्त और विशेष रूप से बनाए गए छिपे हुए कंपार्टमेंट
- सामान्य जांच में ड्रग्स का पता लगाना मुश्किल
- हाल ही में एक मामले में सीट के नीचे बने गुप्त खांचे से एमडी बरामद
इस तरह की चालाकी से साफ है कि तस्करों का नेटवर्क न सिर्फ संगठित है, बल्कि तकनीकी रूप से भी उन्नत हो चुका है, जिससे पुलिस को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
‘ऑपरेशन थंडर’ भी नहीं रोक पाया तस्करी
शहर पुलिस ने ड्रग्स पर नियंत्रण के लिए ‘ऑपरेशन थंडर’ जैसे विशेष अभियान शुरू किए हैं। इसके तहत:
- विशेष टीमें गठित की गईं
- खुफिया जानकारी जुटाई गई
- लगातार छापेमारी की गई
इसके बावजूद तस्करों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। रोजाना गिरफ्तारी के बावजूद वे बिना डर के अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
मुख्य सरगना अब भी गिरफ्त से दूर
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एमडी तस्करी का ‘गॉडफादर’ कौन है?
जब तक इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगना और बड़े नेटवर्क को खत्म नहीं किया जाता, तब तक ऐसी कार्रवाई केवल ऊपरी स्तर तक सीमित ही रह सकती है।
नागपुर में बढ़ती एमडी तस्करी ने पुलिस व्यवस्था और समाज दोनों के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब जरूरत है जड़ से इस नेटवर्क को खत्म करने की, ताकि युवा पीढ़ी को इस खतरनाक नशे से बचाया जा सके।

