नागपुर: झांसी रानी चौक पर कार्रवाई के दौरान टेम्पो चालक से कथित तौर पर 500 रुपये लेने वाली महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित महिला पुलिसकर्मी से पूछताछ और जांच शुरू कर दी गई है। आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
500 रुपये लेने का आरोप
बताया जा रहा है कि सीताबर्डी यातायात परिमंडल में तैनात महिला पुलिसकर्मी ने यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में एक टेम्पो चालक को झांसी रानी चौक पर रोका था। आरोप है कि चालान कार्रवाई करने के बजाय उससे 500 रुपये नकद लिए गए। चालक ने जब इसकी आधिकारिक रसीद मांगी तो पूरा मामला बदल गया।
रसीद मांगने पर 1,500 रुपये का दंड
आरोप है कि चालक को यह पता चलने के बाद कि घटनाक्रम का मोबाइल से वीडियो बनाया जा रहा है, महिला पुलिसकर्मी ने बाद में उस पर 1,500 रुपये का दंड लगाया। हालांकि, इससे पहले 500 रुपये लेने और उसकी रसीद नहीं देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद यातायात विभाग में नकद लेन-देन और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि चालक ने यातायात नियम तोड़ा था, तो शुरुआत में 500 रुपये नकद क्यों लिए गए और उसकी आधिकारिक पावती क्यों नहीं दी गई।
महिला पुलिसकर्मी से पूछताछ शुरू
यातायात उपायुक्त कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित महिला पुलिसकर्मी से पूछताछ शुरू कर दी है। यातायात विभाग के उपायुक्त आदित्य मिरखेलकर ने मामले को गंभीर बताया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नकद लेन-देन रोकने पर दिया जा रहा जोर
यातायात विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिवाइस मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, ताकि नकद लेन-देन को कम किया जा सके। इसके बावजूद सामने आए इस मामले ने यातायात पुलिस की निगरानी और चालान प्रक्रिया पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने भी यातायात पुलिसकर्मियों को वाहन चालकों और आम नागरिकों के साथ सौजन्यपूर्ण व्यवहार करने तथा अनावश्यक परेशानी नहीं देने के निर्देश दिए हैं।

