नागपुर: नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है, लेकिन अंतिम मतदाता सूची अब तक जारी नहीं होने से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। नामांकन वापस लेने की समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। वहीं, मतदान में केवल 14 दिन शेष रहने के बावजूद मतदाता सूची का इंतजार जारी है। ऐसे में मतदाताओं और राजनीतिक दलों के सामने सवाल है कि सूची में नाम छूटने या विवरण में गलती होने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय कैसे मिलेगा।
98 हजार 782 मतदाताओं के नाम अब भी अंतिम सूची में शामिल नहीं
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 22 सितंबर तक प्रारूप मतदाता सूची में करीब 1 लाख 92 हजार मतदाताओं के नाम दर्ज थे। इसके बाद अंतिम चरण में लगभग 98 हजार नए मतदाताओं के आवेदन आने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, 98 हजार 782 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में अंतिम मतदाता संख्या कितनी होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
23 सितंबर को घोषित हुआ था चुनाव कार्यक्रम
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की घोषणा 23 सितंबर 2026 को की गई थी। इसके बाद मतदाता पंजीकरण के लिए 26 सितंबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई। रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया 27 सितंबर को बंद हुई, लेकिन बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रहने का मुद्दा सामने आया है। इससे पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल होने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नाम छूटा तो आपत्ति दर्ज कराने के लिए कितना समय मिलेगा?
अंतिम मतदाता सूची जारी होने में देरी का सबसे बड़ा असर उन मतदाताओं पर पड़ सकता है, जिनके नाम सूची में दर्ज नहीं होंगे या जिनके विवरण में त्रुटियां होंगी। ऐसे मतदाताओं को संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने और सुधार के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है। यदि मतदाता को मतदान के दिन ही नाम सूची में नहीं होने का पता चलता है, तो वह अपने मतदान के अधिकार से वंचित रह सकता है।
राजनीतिक दलों के सामने भी सूची की जांच की चुनौती
मतदाता सूची की जांच राजनीतिक दलों के लिए भी अहम है। दलों को यह देखना होगा कि नए पंजीकृत मतदाताओं के नाम शामिल हुए हैं या नहीं, पात्र मतदाताओं के नाम छूटे तो नहीं और सूची में दोहराव अथवा अन्य त्रुटियां तो नहीं हैं। अंतिम सूची देर से जारी होने पर इन गड़बड़ियों की पहचान करने, आपत्तियां दर्ज कराने और मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय मिलना मुश्किल हो सकता है।
उपजिला चुनाव अधिकारी ने शनिवार तक सूची जारी होने की जताई संभावना
नागपुर स्नातक मतदाता पंजीकरण की उपजिला चुनाव अधिकारी रचना इंदूरकर के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची जारी करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने संभावना जताई कि सूची शनिवार तक प्रकाशित हो सकती है। उनके मुताबिक, सूची जारी होने के बाद ही आपत्तियों और अन्य मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मतदाता पंजीकरण पर उठे सवाल, याचिका मुंबई हाईकोर्ट में स्थानांतरित
मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर आरटीआई फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन काळबांडे ने याचिका दायर की है। इस याचिका में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता पंजीकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आपत्ति जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने यह याचिका मुंबई स्थित मुख्य पीठ में स्थानांतरित कर दी है। 8 अक्टूबर को न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और राज वाकोडे के समक्ष सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की मांग: पहले अंतिम सूची, फिर चुनाव प्रक्रिया
याचिकाकर्ता का कहना है कि लंबित पंजीकरण आवेदनों की उचित जांच की जानी चाहिए और पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। याचिका में यह भी मुद्दा उठाया गया है कि मतदाताओं को नाम या अन्य विवरणों से संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ईश्वर दौदसरे और राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता संगीता जाचक ने पक्ष रखा।
23 अक्टूबर को होना है मतदान
विधान परिषद के नागपुर, पुणे और औरंगाबाद विभागों के स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों तथा पुणे और अमरावती विभागों के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। ऐसे में नागपुर विभाग की अंतिम मतदाता सूची समय पर जारी करना और लंबित आवेदनों की स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण हो गया है। अब सभी की नजर चुनाव अधिकारियों की ओर से सूची जारी किए जाने और मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने के लिए मिलने वाले समय पर है।

