नागपुर में सैनिक की पत्नी के कथित धर्मांतरण और अवैध निकाह मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस बीच वीडियो बनाने वाली युवती के बयान और आरोपी की गिरफ्तारी से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
वीडियो को लेकर सामने आया अहम खुलासा
सोनेगांव पुलिस को दिए बयान में वीडियो बनाने वाली युवती ने दावा किया है कि वायरल वीडियो उसने पीड़ित महिला के कहने पर ही बनाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस ने दर्ज किए अहम बयान
पुलिस ने इस मामले में वीडियो बनाने वाली युवती सहित एक अन्य गवाह के बयान भी दर्ज किए हैं। इन बयानों को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ी
मामले के मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदार (26) और अमीन शेख (30) की पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों की हिरासत 5 दिन बढ़ाकर 21 जून तक कर दी है।
फरार मौलाना को पुलिस ने किया गिरफ्तार
इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी हजरत मौलाना को भी सोनेगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी को जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
विहिंप ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिंप) ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन के धर्मप्रसार प्रमुख राजकुमार शर्मा ने कहा कि पीड़िता के पति भारतीय रक्षा सेवाओं में तैनात हैं, ऐसे में मामले की हर पहलू से गहन जांच होनी चाहिए।
रासुका लगाने की भी उठी मांग
विहिंप ने मांग की है कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, संगठन ने आशंका जताई है कि इस मामले के पीछे किसी संगठित गिरोह या बड़े षड्यंत्र की भूमिका हो सकती है।
कानूनी सख्ती की उठी मांग
संगठन ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही, धर्मांतरण और कथित लव जिहाद जैसे मामलों पर सख्त कानून लागू करने की मांग भी दोहराई गई है।
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।

