नागपुर: मुंबई में हाल ही में ड्रग्स सेवन से जुड़े मामलों के बाद अब नागपुर भी नशे के बढ़ते जाल को लेकर चर्चा में आ गया है। शहर के कई कॉलेज स्टूडेंट्स और हाई-प्रोफाइल युवाओं के बीच अब LSD (Lysergic Acid Diethylamide) जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग का इस्तेमाल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हाल ही में नागपुर पुलिस ने शहर में पहली बार LSD की बड़ी खेप पकड़कर इस नेटवर्क का खुलासा किया है।
नागपुर में पहली बार LSD की बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने करीब ₹1.7 लाख कीमत के 17 LSD डॉट्स बरामद किए हैं। यह कार्रवाई MIDC पुलिस, क्राइम ब्रांच और एंटी नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त रूप से की। मामले में दो इंजीनियरिंग छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
कॉलेज कैंपस और रेव पार्टियों में बढ़ रहा इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के अनुसार LSD अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा। नागपुर के कुछ कॉलेज सर्कल, हाई-प्रोफाइल पार्टियों और रेव कल्चर में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह ड्रग युवाओं के बीच “क्लब ड्रग” के रूप में लोकप्रिय हो रहा है।
क्या है LSD और क्यों है खतरनाक?
LSD एक बेहद शक्तिशाली हैलुसिनोजेनिक ड्रग है, जो दिमाग पर गहरा असर डालता है। इसे लेने के बाद व्यक्ति कई घंटों तक भ्रम, डर, मानसिक असंतुलन और असामान्य व्यवहार का शिकार हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार सेवन मानसिक बीमारी और आत्मघाती प्रवृत्ति तक पैदा कर सकता है।
‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई
नागपुर पुलिस ने शहर में बढ़ते ड्रग नेटवर्क को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन थंडर’ शुरू किया है। इसके तहत कॉलेज एरिया, पब, कैफे और संदिग्ध इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
युवाओं के भविष्य पर बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क पर रोक नहीं लगी, तो यह आने वाले समय में युवाओं के करियर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने अभिभावकों और शिक्षा संस्थानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

