व्यंकटेश नगर में सामने आई दिल दहला देने वाली घटना
नागपुर के व्यंकटेश नगर इलाके में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। घर के अंदर मां और बेटी के शव फंदे से लटके हुए मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
मृतकों की पहचान संगीता धाबले और आकांक्षा ब्रह्मे के रूप में हुई
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान 52 वर्षीय संगीता धाबले और उनकी 29 वर्षीय विवाहित बेटी आकांक्षा ब्रह्मे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आकांक्षा कुछ समय से अपनी मां के साथ रह रही थीं। घटना के बाद परिवार और रिश्तेदारों में गहरा सदमा है।
नवजात बच्चे की मौत के बाद तनाव में थी आकांक्षा
जानकारी के अनुसार, आकांक्षा ने करीब दो महीने पहले अपने नवजात बच्चे को खो दिया था। इस दुखद घटना के बाद वह लगातार मानसिक तनाव और अवसाद में थीं। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद से आकांक्षा काफी परेशान रहने लगी थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी गहरे सदमे ने मां-बेटी को यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।
सुबह पति के पहुंचने पर हुआ पूरे मामले का खुलासा
शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे, आकांक्षा के पति लोकेश ब्रह्मे घर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर उन्होंने खिड़की से अंदर झांका तो दोनों फंदे से लटकी दिखाई दीं। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके से मिला सुसाइड नोट, कई सवाल खड़े
घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक नोट में लिखी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि उसमें मानसिक तनाव और निजी परेशानियों का जिक्र हो सकता है। सुसाइड नोट मिलने के बाद मामला और भी रहस्यमय बन गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस कर रही गहन जांच
घटना नंदनवन पुलिस थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
इलाके में शोक की लहर, लोगों में चर्चा का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और डर का माहौल है। स्थानीय लोग मां-बेटी की मौत से स्तब्ध हैं। कई लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याएं किस तरह लोगों को अंदर से तोड़ देती हैं, यह घटना उसका बड़ा उदाहरण है।
मानसिक तनाव को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग की जरूरत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुख और तनाव से गुजर रहे लोगों को समय पर परिवार और समाज का सहयोग मिलना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

