नागपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। RTI (सूचना के अधिकार) के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, 1.36 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद शहर के 171 ट्रैफिक सिग्नलों में से 15 सिग्नल अभी भी बंद पड़े हैं।
RTI में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
RTI के तहत प्राप्त जानकारी में खुलासा हुआ कि:
- शहर में कुल 171 ट्रैफिक सिग्नल स्थापित हैं
- इनमें से 15 सिग्नल पूरी तरह से बंद (Defunct) हैं
यह स्थिति तब है जब इनके रखरखाव और मरम्मत पर भारी राशि खर्च की जा चुकी है।
मरम्मत पर खर्च हुए 1.36 करोड़ रुपये
नगर प्रशासन द्वारा ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए करीब 1.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके बावजूद कई सिग्नलों का बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा असर
ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण:
- शहर में जाम की समस्या बढ़ रही है
- सड़क पर अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है
- ट्रैफिक पुलिस पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सिग्नलों का चालू न होना:
- प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है
- खर्च किए गए फंड की पारदर्शिता और उपयोगिता पर सवाल खड़े करता है
जवाबदेही तय करने की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद अब:
- जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है
- नागरिकों ने ट्रैफिक सिस्टम को जल्द दुरुस्त करने की अपील की है
शहरवासियों को हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई प्रमुख चौराहों पर सिग्नल बंद रहने से:
- रोजाना यातायात बाधित होता है
- समय की बर्बादी के साथ-साथ सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है
यह मामला नागपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत को उजागर करता है। यदि जल्द ही इन खामियों को दूर नहीं किया गया, तो शहर में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।

