नागपुर में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने आरोपी की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है, जिससे पीड़ित निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मामले का पूरा विवरण
धंतोली निवासी कारोबारी राजेश ताराचंद बनसोड पर आरोप है कि उसने कई निवेशकों से करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में कोर्ट ने उसके 62 लाख रुपये जब्त करने का आदेश दिया है।
कोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ के समक्ष हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की रकम जब्त करने का निर्देश दिया।
फर्जी कंपनियों के जरिए ठगी
जांच में सामने आया कि राजेश ताराचंद बनसोड ‘फॉर्च्युन फिशरीज, विजन फिशरीज और फॉर्च्युन एक्वा’ जैसी कंपनियां संचालित करता था। इन कंपनियों के माध्यम से वह कथित रूप से मत्स्यपालन (Fish Farming) के नाम पर निवेशकों को आकर्षित करता था।
लुभावने मुनाफे का झांसा
आरोपी ने ‘केज कल्चर’ पद्धति से मछली पालन का बिजनेस प्लान दिखाकर निवेशकों को उच्च रिटर्न का लालच दिया। इसके चलते कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश कर दी, लेकिन बाद में उन्हें न तो मूल राशि मिली और न ही कोई मुनाफा।
शिकायत के बाद खुला मामला
साल 2021 में निवेशक ध्रुव रघुबंश कुमार ने सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और ठगी का पूरा मामला सामने आया।
निवेशकों को राहत की उम्मीद
कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़ित निवेशकों को उनकी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, इस कार्रवाई से ऐसे मामलों में सख्त संदेश भी गया है कि आर्थिक अपराध करने वालों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।

