नागपुर में शराब की खपत बढ़ी: एक साल में 2.84 करोड़ लीटर देशी शराब की बिक्री

नागपुर: शहर में बदलती जीवनशैली और बढ़ती मांग के चलते मद्य बिक्री के आंकड़े चौंकाने वाले सामने आए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नागपुरवासियों ने कुल 2.84 करोड़ लीटर देशी शराब की खपत की है। इसके साथ ही बीयर और वाइन की मांग में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गई है।

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बीयर और वाइन की बढ़ती लोकप्रियता

नागपुर में इस वर्ष सबसे बड़ा बदलाव बीयर और वाइन के ट्रेंड में देखा गया है।

  • बीयर की बिक्री में 20.16% की वृद्धि दर्ज की गई, जो कुल 1.62 करोड़ लीटर तक पहुंच गई।
  • वहीं वाइन की खपत में 57.60% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो इस साल का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि युवा वर्ग और बदलती लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण हैं।
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देशी शराब का दबदबा कायम

नागपुर में देशी शराब की लोकप्रियता अब भी बरकरार है।

  • वर्ष 2024-25 में जहां बिक्री 2.73 करोड़ लीटर थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 2.84 करोड़ लीटर हो गई।
  • यानी कुल मिलाकर 4.16% की वृद्धि दर्ज की गई है।
    यह आंकड़ा बताता है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग देशी शराब को प्राथमिकता दे रहे हैं।

विदेशी शराब की बिक्री में गिरावट

जहां एक तरफ अन्य मद्य प्रकारों में वृद्धि देखी गई, वहीं विदेशी शराब की बिक्री में गिरावट आई है।

  • विदेशी शराब की बिक्री में 8.08% की कमी दर्ज की गई।
  • कुल बिक्री घटकर 1.63 करोड़ लीटर रह गई।
    इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता अब महंगे ब्रांडेड विकल्पों से दूरी बना रहे हैं।

मद्य बिक्री का पूरा आंकड़ा (लीटर में)

  • देशी शराब: 2,84,60,281 लीटर (4.16% वृद्धि)
  • विदेशी शराब: 1,63,58,563 लीटर (8.08% कमी)
  • बीयर: 1,62,64,264 लीटर (20.16% वृद्धि)
  • वाइन: 5,15,050 लीटर (57.60% वृद्धि)

सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी, सामाजिक चिंता भी बढ़ी

मद्य बिक्री में बढ़ोतरी से सरकारी तिजोरी में भारी राजस्व जमा हुआ है, लेकिन इसके साथ ही यह सामाजिक चिंता का विषय भी बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती शराब खपत का असर स्वास्थ्य और समाज दोनों पर पड़ सकता है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

बदलता नागपुर: नई आदतें, नए ट्रेंड

नागपुर में अब केवल पारंपरिक पेय ही नहीं, बल्कि बीयर और वाइन जैसे विकल्पों की ओर झुकाव साफ दिखाई दे रहा है। यह बदलाव शहर की आधुनिक जीवनशैली और उपभोग की आदतों को दर्शाता है।

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