जरीपटका और एमआईडीसी थाने को मिले नए थानेदार, लाचखोरी और अपराध पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी

जरीपटका की कमान विठ्ठलसिंह राजपूत को, एमआईडीसी में बाबूराव राऊत की नियुक्ति

नागपुर शहर पुलिस में सोमवार को बड़ा फेरबदल करते हुए जरीपटका और एमआईडीसी थाने में नए थानेदारों की नियुक्ति की गई। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विठ्ठलसिंह राजपूत को जरीपटका थाने और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बाबूराव राऊत को एमआईडीसी थाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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रिश्वत प्रकरण के बाद जरीपटका थाने में बदलाव

जरीपटका थाने में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई थी। कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया था। इसके बाद तत्कालीन थानेदार अनिल ताकसांडे का नियंत्रण कक्ष में तबादला कर दिया गया था।

विठ्ठलसिंह राजपूत को मिली जरीपटका की जिम्मेदारी

तत्कालीन रिक्त पद पर सक्करदरा यातायात विभाग के निरीक्षक विठ्ठलसिंह राजपूत की नियुक्ति की गई है। उन्हें जरीपटका क्षेत्र में लाचखोरी पर रोक लगाने के साथ अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

बाबूराव राऊत को एमआईडीसी थाने का प्रभार

एमआईडीसी थाने के तत्कालीन थानेदार गोकुल महाजन का पुणे तबादला होने के बाद यह पद रिक्त था। अब क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बाबूराव राऊत को एमआईडीसी थाने का थानेदार बनाया गया है। उन्हें भी रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने और अपराध तथा अवैध धंधों से मुक्त क्षेत्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

दोनों अधिकारियों को थानेदारी का अनुभव

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विशेष बात यह है कि बाबूराव राऊत और विठ्ठलसिंह राजपूत, दोनों को थानेदार के रूप में काम करने का अनुभव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राऊत को पहले एक मामूली चूक के बाद थानेदार के पद से हटाया गया था। वहीं, राजपूत के कार्यकाल के दौरान उनके एक कनिष्ठ कर्मचारी से जुड़े विवाद का मामला चर्चा में रहा था।

कई पुलिस थानों में फेरबदल के संकेत

सोमवार की नियुक्तियों के बाद शहर के अन्य पुलिस थानों में भी जल्द फेरबदल होने की चर्चा तेज हो गई है। इससे कुछ अधिकारियों में बेचैनी बढ़ी है, जबकि लंबे समय से थानेदारी की जिम्मेदारी मिलने की प्रतीक्षा कर रहे कई पुलिस निरीक्षकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।

अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पर जोर

नई नियुक्तियों के साथ पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता लाचखोरी पर रोक, अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने की बताई गई है। आने वाले दिनों में अन्य थानों में होने वाले संभावित बदलावों पर भी पुलिस विभाग में नजर बनी हुई है।:::

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