नागपुर के हुड़केश्वर इलाके में पुलिस ने फर्जी लूट की वारदात का पर्दाफाश किया है। एक 28 वर्षीय युवक ने दोस्त से लिए 2 लाख रुपये का कर्ज चुकाने से बचने के लिए खुद के साथ लूट होने की झूठी कहानी रची। पुलिस की तकनीकी जांच और पूछताछ में पूरा मामला सामने आया।
आरोपी ने कार और 2.05 लाख रुपये लूटने का किया दावा
त्रिमूर्ति नगर निवासी 28 वर्षीय युवक ने 22 अगस्त 2026 को हुड़केश्वर पुलिस से शिकायत की थी। उसने बताया कि वह पिरामिड सिटी इलाके से गुजर रहा था, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे लिफ्ट मांगी। उसके अनुसार, कार में बैठने के बाद उस व्यक्ति ने चाकू दिखाकर धमकाया, उसके साथ मारपीट की और कार लेकर फरार हो गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि कार में 2.05 लाख रुपये नकद रखे हुए थे, जिन्हें आरोपी लेकर फरार हो गया।
एयरपोर्ट के पास मिली कार
पुलिस को बाद में शिकायतकर्ता की कार सोनगांव थाना क्षेत्र में एयरपोर्ट के पास मिली। युवक ने पुलिस को बताया कि कार से नकदी चोरी हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हुड़केश्वर पुलिस ने जांच शुरू की।
बयानों में विरोधाभास से पुलिस को हुआ शक
जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान और घटनाक्रम में कई विसंगतियां नजर आईं। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अलग-अलग और विरोधाभासी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसके दावों की जांच की।
जांच में सामने आया फर्जी लूट का मामला
तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि लूट की पूरी वारदात मनगढ़ंत थी। विस्तृत पूछताछ में शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर घटना को खुद रचने की बात स्वीकार की।
कैफे शुरू करने के लिए लिया था 2 लाख रुपये का कर्ज
पुलिस के अनुसार, युवक ने त्रिमूर्ति नगर में कैफे शुरू करने के लिए अपने दोस्त से 2 लाख रुपये उधार लिए थे। रकम वापस करने का दबाव बढ़ रहा था, लेकिन उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी लूट की कहानी तैयार की।
झूठी सूचना देने पर पुलिस की चेतावनी
हुड़केश्वर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए नागरिकों से अपील की है कि किसी भी घटना की शिकायत करते समय सटीक और सत्य जानकारी दें। पुलिस ने चेतावनी दी कि जांच एजेंसियों को जानबूझकर गुमराह करना, झूठी जानकारी देना या फर्जी अपराध की कहानी गढ़ना कड़ी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

