नागपुर : बिजली चोरी कर महावितरण के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई और सख्त होने जा रही है। महावितरण ने बिजली चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं का नाम, पता और चोरी का तरीका समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करने का निर्णय लिया है। बिजली चोरी से होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान का अप्रत्यक्ष भार नियमित रूप से बिल भरने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
बिजली चोरों पर दंड के साथ कानूनी कार्रवाई
राज्यभर में बिजली चोरी के मामलों में केवल जुर्माना लगाने के बजाय मामला दर्ज करने, बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काटने और कानूनी कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है। महावितरण का मानना है कि बिजली चोरी करने वालों की पहचान सार्वजनिक होने से उन पर सामाजिक दबाव बनेगा और अन्य लोग भी बिजली चोरी से दूर रहेंगे।
नागपुर जिले में हजारों बिजली चोरी के मामले
नागपुर जिले में महावितरण के उड़न दस्तों और स्थानीय अधिकारियों द्वारा पिछले एक वर्ष में की गई कार्रवाई के दौरान हजारों बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं। अकेले इस महीने के पहले नौ दिनों में ही 460 बिजली चोरी के मामले उजागर हुए हैं।
बिजली चोरी गंभीर और संज्ञेय अपराध
भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी को गंभीर और संज्ञेय अपराध माना गया है। इसके तहत चोरी की राशि के तीन से छह गुना तक जुर्माने के साथ तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
स्मार्ट मीटर के बावजूद बिजली चोरी जारी
बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग स्मार्ट मीटर को भी चकमा देकर बिजली चोरी कर रहे हैं। जांच के दौरान मीटर को बायपास कर सीधे बिजली का उपयोग करने के मामले सामने आए हैं।
बिजली चोरी का बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर
बिजली चोरी के कारण महावितरण को भारी आर्थिक नुकसान होता है। वितरण हानि बढ़ने से इसका अप्रत्यक्ष असर नियमित और समय पर बिजली बिल भरने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। महावितरण का उद्देश्य है कि बिजली चोरों की वजह से ईमानदार उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
नियमित बिल भरने वालों का होगा सम्मान
बिजली चोरों पर कार्रवाई के साथ ही महावितरण नियमित रूप से बिजली बिल भरने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं का विशेष सम्मान भी करेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रियायत और सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जाएगा।

