डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग, धम्मदीक्षा स्मारक कृति समिति ने नगर निगम की कार्यवाही में देरी पर उठाए सवाल
नागपुर: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर बर्डी के आनंदनगर स्थित ‘श्याम होटल’ को संरक्षित कर राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने की मांग एक बार फिर उठी है। धम्मदीक्षा स्मारक कृति समिति ने नागपुर महानगरपालिका से इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की अपील की है। समिति के अनुसार, स्मारक के विकास के लिए शासन की ओर से योजना तैयार कर 77 करोड़ रुपये की निधि का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ा है ऐतिहासिक महत्व
समिति के मुताबिक, 15 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कर्नाटक से आए कुछ उपासकों को श्याम होटल में धम्मदीक्षा दी थी। इसी ऐतिहासिक महत्व के कारण समिति इस स्थान को संरक्षित कर राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने की मांग कर रही है।
2012 में नगर निगम ने पारित किया था प्रस्ताव
समिति ने बताया कि श्याम होटल के स्थान पर राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण के संबंध में नागपुर महानगरपालिका ने 30 अप्रैल 2012 को प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, प्रस्ताव पारित होने के बाद भी अब तक जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
77 करोड़ रुपये के प्रावधान के बावजूद निर्माण में देरी पर सवाल
समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव गोटे और सचिव संदीप रामटेके ने पत्रकार परिषद में बताया कि शासन की ओर से विकास योजना तैयार किए जाने और निधि का प्रावधान होने के बावजूद स्मारक निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योजना और निधि उपलब्ध होने की जानकारी है, तो परियोजना के क्रियान्वयन में देरी क्यों हो रही है।
ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग
धम्मदीक्षा स्मारक कृति समिति ने महानगरपालिका से श्याम होटल की ऐतिहासिक वास्तु का संरक्षण करने, उसे राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने और निर्माण प्रक्रिया को गति देने की मांग की है। समिति का कहना है कि इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी विरासत पहुंचाना आवश्यक है।

