भामरागढ़ में जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, न पानी की सुविधा न बिजली; शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ताड़गांव की जिला परिषद स्कूल का निरीक्षण

भामरागढ़, गड़चिरोली : आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले के भामरागढ़ तहसील में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने गुरुवार, 18 सितंबर को तहसील के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।

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स्कूल में पीने का पानी और बिजली की सुविधा नहीं

ताड़गांव स्थित जिला परिषद स्कूल के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई। इसके अलावा कक्षाओं में बिजली और पंखों की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिली।

जर्जर इमारत में चल रही कक्षाएं

स्कूल भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बताई गई। जर्जर इमारत में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित होने पर अभिजीत दीपके ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि यदि जर्जर भवन के कारण कोई दुर्घटना हुई, तभी क्या प्रशासन जागेगा?

गटशिक्षणाधिकारी से फोन पर की चर्चा

समस्याओं को लेकर दीपके ने संबंधित गटशिक्षणाधिकारी से फोन पर बातचीत की और स्कूल की बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि प्रशासन समस्याओं पर ध्यान नहीं देता है, तो नागरिक और अभिभावक एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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भगवंतराव आश्रमशाला में छात्रावास की समस्याएं भी सामने आईं

ताड़गांव के बाद दीपके ने भामरागढ़ मुख्यालय स्थित भगवंतराव आश्रमशाला का दौरा किया। यहां स्कूल के साथ-साथ छात्रावास की सुविधाओं और पानी से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।

दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी जरूरी सुविधाओं का अधिकार

दौरे के दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी गईं। दीपके ने कहा कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों के विद्यार्थियों की तरह सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ पेयजल, बिजली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना जरूरी है।

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सिर्फ निरीक्षण नहीं, समस्याओं के समाधान की मांग

ताड़गांव की जर्जर स्कूल इमारत से लेकर भगवंतराव आश्रमशाला में पानी और छात्रावास की कथित समस्याओं तक, सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागरिकों की मांग है कि प्रशासन केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि सामने आई समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करे।

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