नागपुर: शहर में प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक दंपत्ति ने फ्लैट बेचने का झांसा देकर 51 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फ्लैट के नाम पर रची गई ठगी की साजिश
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रामदासपेठ इलाके का है, जहां पीड़ित भीमराव नाईक (54 वर्ष), जो कि जीआरपी में पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपी नितिन सुधाकर डांगे से हुई, जिसने उन्हें एक फ्लैट दिखाया।
51 लाख रुपये लेने के बाद नहीं की रजिस्ट्री
फ्लैट पसंद आने के बाद सौदा तय हुआ और नाईक ने आरोपियों को कुल 51 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। लेकिन पैसे लेने के बावजूद आरोपी दंपत्ति ने फ्लैट की रजिस्ट्री पीड़ित के नाम पर नहीं की।
पीड़ित द्वारा कई बार संपर्क करने और पैसे वापस या रजिस्ट्री की मांग करने के बावजूद आरोपी हर बार टालमटोल करते रहे।
आरोपी दंपत्ति की पहचान
पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी दंपत्ति की पहचान इस प्रकार है:
- नितिन सुधाकर डांगे (48 वर्ष)
- गीता नितिन डांगे (46 वर्ष)
दोनों आरोपी रामदासपेठ स्थित शेवाळकर बिल्डिंग के निवासी बताए जा रहे हैं।
सीताबर्डी थाने में मामला दर्ज
जब पीड़ित को यह स्पष्ट हो गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना ने शहर में प्रॉपर्टी खरीदते समय सतर्क रहने की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

