नागपुर: शहर के बेलतरोडी क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग बच्चा वेब सीरीज के काल्पनिक प्रभाव में आकर घर छोड़कर मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम पहुंच गया। वापस लौटने के बाद उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी, जिसे पुलिस ने अपनी आधुनिक जांच तकनीकों से उजागर कर दिया।
स्कूल के बहाने घर से निकला, पहुंचा दूसरे राज्य
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग (नाम गोपनीय) स्कूल के पहले दिन साइकिल से घर से निकला, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचा। उसने उज्ज्वलनगर मेट्रो स्टेशन पर साइकिल खड़ी की और वहां से मेट्रो के जरिए अजनी रेलवे स्टेशन पहुंचा। इसके बाद वह ट्रेन से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के लिए रवाना हो गया।
वेब सीरीज के ‘बाबा’ के प्रभाव में उठाया कदम
पुलिस पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह वेब सीरीज में दिखाए गए ‘बाबा’ के किरदार से इतना प्रभावित हो गया था कि उसे लगा कि वह उसे नर्मदापुरम के घाट पर बुला रहे हैं। इसी भ्रम और कल्पना के असर में उसने घर छोड़ने जैसा खतरनाक कदम उठाया।
नर्मदापुरम पहुंचकर टूटा भ्रम
नर्मदापुरम पहुंचने के बाद बच्चे को एहसास हुआ कि यह सब सिर्फ एक काल्पनिक भ्रम था। इसके बाद वह किसी तरह वापस नागपुर लौट आया।
डर के कारण रचा अपहरण का झूठा नाटक
घर लौटने पर परिजनों के डर से नाबालिग ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बना दी, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया। हालांकि बेलतरोडी पुलिस की सतर्कता और आधुनिक जांच के चलते इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हो गया।
डिजिटल लत का खतरनाक असर
यह घटना वेब सीरीज, सोशल मीडिया और मोबाइल की बढ़ती लत का गंभीर उदाहरण है, जिसमें काल्पनिक और वास्तविक दुनिया के बीच की सीमा धुंधली हो जाती है।
पालकों के लिए अहम सलाह
विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद अभिभावकों को सावधान करते हुए कहा है कि:
- बच्चों के मोबाइल उपयोग पर समय सीमा तय करें
- वेब सीरीज, गेम्स और रील्स पर नियमित निगरानी रखें
- बच्चों के साथ रोजाना संवाद बनाए रखें
- व्यवहार में बदलाव या काल्पनिक बातों पर अत्यधिक विश्वास दिखने पर तुरंत ध्यान दें
- जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक की सलाह लें
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मनोरंजन और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना ही ऐसे मामलों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

