नागपुर में चर्चित आशी डे हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी मोनू उर्फ आशिष मनपिया ने कथित तौर पर बताया कि प्रेमिका द्वारा शादी के लिए लगातार दबाव बनाए जाने से वह उससे नाराज था। 3 अगस्त को दोनों के बीच विवाद के बाद आरोपी ने कथित रूप से उसके साथ सामान्य व्यवहार किया और बाद में उसे कन्हान नदी के पुल की ओर ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई।
मोनू उर्फ आशिष मनपिया पर पहले से कई गंभीर मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोनू उर्फ आशिष मनपिया एक कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से हत्या, बलात्कार, धोखाधड़ी और मारपीट सहित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह पहले भी हत्या के एक मामले में आरोपी रह चुका है।
आशी डे के खिलाफ भी आपराधिक मामले सामने आए
पुलिस जांच में आशी डे के खिलाफ भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जानकारी सामने आई है। वह पहले खामला क्षेत्र में रहती थी। पुलिस के अनुसार, अमोल नामक युवक ने मुश्किल समय में उसकी मदद की थी, लेकिन बाद में आशी ने कथित तौर पर कुछ लोगों के साथ मिलकर उसके खिलाफ फर्जी छापेमारी की और उससे 1.5 लाख रुपये वसूल किए। यह मामला सामने आने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था।
दो साल से था दोनों के बीच प्रेम संबंध
पुलिस के मुताबिक, मोनू और आशी डे के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। बाद में दोनों के रिश्ते में विवाद हुआ और आशी ने मोनू के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई। कुछ समय बाद दोनों के बीच फिर समझौता हो गया और संबंध सामान्य हो गए।
इसके बाद शादी से इनकार को लेकर दोबारा विवाद हुआ और फिर शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, करीब दो-तीन महीने पहले दोनों के बीच फिर से समझौता होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
रिश्तेदार की मौत के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले मोनू के एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी। वह शोक में था। इसी दौरान आशी द्वारा शादी के लिए लगातार दबाव बनाए जाने से दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान मोनू के मन में आशी के प्रति गुस्सा और नाराजगी बढ़ती गई।
3 अगस्त को फिर हुआ दोनों के बीच विवाद
3 अगस्त को आशी दोबारा मोनू के पास पहुंची। शादी को लेकर दोनों के बीच तीखा विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, इसके बाद मोनू ने कथित तौर पर अपना व्यवहार बदल लिया और आशी से सामान्य तरीके से बातचीत करने लगा।
दोनों दिनभर साथ रहे और नशा करने के बाद रात में मोनू उसे घूमने के बहाने कन्हान नदी के पुल की ओर ले गया। पुलिस का आरोप है कि यहीं उसने हत्या की योजना को अंजाम दिया।
CCTV में 9 मिनट का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में रात 2 बजकर 8 मिनट पर मोनू आशी को मोपेड से नदी के पुल की ओर ले जाते हुए दिखाई देता है। इसके करीब 9 मिनट बाद, 2 बजकर 17 मिनट पर आरोपी अकेला मोपेड से वापस आता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। मामले में जल्द ही क्राइम सीन रीक्रिएशन भी कराया जा सकता है।
आशी के भाई की भी हो चुकी थी हत्या
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आशी डे का भाई भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा था और करीब चार-पांच वर्ष पहले खामला क्षेत्र में उसकी और उसके साथी की हत्या कर दी गई थी। भाई की मौत के बाद आशी के कई अपराधियों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में आने की बात सामने आई है।
पुलिस खंगाल रही है हत्याकांड से जुड़े सभी पहलू
इस मामले में पुलिस को अभी और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के और उपविभागीय पुलिस अधिकारी संतोष गायकवाड के मार्गदर्शन में कन्हान पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

