नागपुर, निज संवाददाता। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में जिले भर में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बम्पर जीत दर्ज की है। चुनाव से पहले चल रहे कयासों को पीछे छोड़ते हुए भाजपा ने जिले की अधिकांश नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अपना परचम लहराया है। कांग्रेस और अन्य दलों को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
जिले की 27 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 22 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जबकि 2 सीटों पर शिंदे गुट की शिवसेना ने कब्जा जमाया है। कांग्रेस को केवल 1 नगर परिषद में ही संतोष करना पड़ा, वहीं शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को भी सीमित सफलता मिली है।
चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि जिले में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत हुआ है और मतदाताओं ने विकास कार्यों पर भरोसा जताया है। कई स्थानों पर जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने रंग-गुलाल उड़ाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। विजयी उम्मीदवारों ने इसे जनता के आशीर्वाद और पार्टी नेतृत्व की रणनीति का परिणाम बताया।
जिले में कुल 27 नगराध्यक्ष पदों में भाजपा को 22 सीटों पर सफलता मिली है। शिवसेना शिंदे गुट को 2, कांग्रेस को 1, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 1 और शेकाप को 1 नगराध्यक्ष पद मिला है। वहीं नगरसेवकों के स्तर पर भी भाजपा ने बढ़त बनाते हुए कुल 537 सीटों में से 317 पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 120, शिंदे शिवसेना को 25, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) को 6, शेकाप को 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) को 16, शिवसेना उद्धव गुट को 3 और अन्य दलों व निर्दलीयों को 38 सीटें मिली हैं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान पोस्टल बैलेट से ही भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दी थी। पहले चरण के मतदान के बाद आए रुझानों में भाजपा आगे रही और जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, पार्टी की स्थिति और मजबूत होती चली गई। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल अंतिम दौर तक मुकाबले में बने रहने की कोशिश करते रहे, लेकिन भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सके।
इस जीत को आगामी जिला परिषद, नगर निगम और विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत जनता के विश्वास और विकास कार्यों की स्वीकार्यता का प्रमाण है। वहीं विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम आत्ममंथन और रणनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

