नागपुर | निज संवाददाता | शहर के दयानंद पार्क परिसर में बिजली बिल वसूली के दौरान महावितरण की टीम को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में महावितरण अधिकारियों ने जरिपटका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दोपहर करीब 1 बजे महावितरण की टीम दयानंद पार्क गार्डन के पास स्थित ‘टी लवर शॉप’ के सामने बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए पहुंची थी। टीम में सिविल लाइंस उपविभाग के सहायक अभियंता विनय गोंधले सहित रूपक उपाध्ये, मोरेश्वर पाटले, सोनाली वाघमारे, अजय कनोड़िया, पंकज वाकड़े, अजय मोर्चे, रोशन राणादे, प्रवीण नितनकर, राजकुमार मरसकुल्ले, दर्शना गुरसुले, अपेक्षा बहादुरे और ताराचंद दुबे शामिल थे।
महावितरण टीम जब बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, तब पाया गया कि दयानंद पार्क गार्डन के पास स्थित टी लवर शॉप के मालिक रणवीर सिंह इकबाल सिंह पर पिछले करीब 5 महीनों का 22,600 रुपये का बिजली बिल बकाया है। टीम की महिला कर्मचारी ने दुकान में मौजूद महिला को बिल भरने की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बिजली कनेक्शन काटते ही विवाद
लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई। इसके बाद आरोपी रणवीर सिंह मौके पर पहुंचा और महावितरण के अधिकारियों व कर्मचारियों से गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि उसने किसी व्यक्ति को 10 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने, हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी।
आरोपी ने टेक्नीशियन रूपक उपाध्ये को विशेष रूप से धमकाया। साथ ही, महिला कर्मचारियों और कार्यकारी अभियंता धमदीप फुलश्रेणी के साथ भी अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस में शिकायत दर्ज
घटना के बाद सहायक अभियंता विनय गोंधले ने जरिपटका पुलिस थाने में आरोपी रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धमकी देने, गाली-गलौज करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महावितरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

