उमरेड (नागपुर): तहसील के भीवापुर क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों के बाद अब भालू के आतंक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। रविवार को जंगल से सटे इलाके में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे पर अचानक भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीवापुर निवासी रामनिवास कोल (उम्र लगभग 58 वर्ष) रोज की तरह जंगल किनारे मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। भालू के हमले से रामनिवास कोल के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक भालू जंगल की ओर भाग गया।
घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण घायल को उपचार के लिए उमरेड उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार घायल की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन सिर और चेहरे पर गहरे जख्म होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद भीवापुर सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी और अब भालू के हमले से खतरा और बढ़ गया है। लोग जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने, सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने और मवेशी चराते समय समूह में रहने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी, चेतावनी बोर्ड, मुनादी और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव हो सके।

