नागपुर। आगामी नगर पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। उम्मीदवार चयन और इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर नेताओं में नाराज़गी बढ़ गई है। जिला स्तर पर बुलाए गए चयन बैठक को प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने अवैध बताते हुए असंतोष जताया है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री सुनील केदार द्वारा जिला कांग्रेस चयन समिति की बैठक बुलाई गई, जिसमें संभावित उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया। इस बैठक में कई वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं ने हिस्सा लिया, लेकिन इसे लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि यह बैठक पार्टी अनुशासन और तय प्रक्रिया के खिलाफ थी।
550 उम्मीदवारों ने दिया साक्षात्कार
बैठक में नगर परिषद, नगर पंचायत और जिला परिषद चुनावों को ध्यान में रखते हुए लगभग 550 इच्छुक उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया। कई क्षेत्रों से आए नेताओं ने खुद को चुनाव लड़ने के योग्य बताते हुए अपनी दावेदारी पेश की।
बढ़ सकता है विवाद
पूर्व मंत्री सुनील केदार और कुछ जिला पदाधिकारियों पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने संगठन की आधिकारिक अनुमति लिए बिना बैठक आयोजित की। इसके चलते कांग्रेस में दो धड़े बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है, जिससे टिकट वितरण पर भी असर पड़ सकता है।
पार्टी अनुशासन के नियमों की अनदेखी?
प्रदेश कांग्रेस की ओर से यह स्पष्ट निर्देश हैं कि उम्मीदवार चयन संबंधी बैठकें केवल प्रदेश स्तर की अनुमति से ही आयोजित की जाएं। लेकिन इस बैठक में प्रदेश नेतृत्व या पर्यवेक्षकों की मौजूदगी नहीं थी। इस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम और असंतोष फैला हुआ है।

