नागपुर क्षेत्र में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की कामठी और गोंडेगाँव खदानों से निकाली गई मिट्टी को एक निश्चित ऊँचाई तक डंप करने का नियम है। नियम के तहत यह ऊँचाई 90 मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि स्थानीय अधिकारियों और कुछ कामगार नेताओं की मिलीभगत से यह ऊँचाई 90 मीटर की जगह 120 मीटर या उससे भी अधिक कर दी गई है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बढ़ती ऊँचाई पर न तो कोई कामगार नेता आवाज उठाते हैं, न ही कोई स्थानीय नेता इस पर सवाल करते हैं। कल गोंडेगाँव की पुरानी बस्ती के पास ऐसी ही अवैध रूप से उँची की गई मिट्टी अचानक भूस्खलन के रूप में ढह गई और कुछ घरों तक पहुँच गई। सौभाग्य से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोग बाल-बाल बच गए।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि कामगार नेता या स्थानीय प्रशासन इस पर ध्यान देंगे, लेकिन उनकी चुप्पी बताती है कि सब कुछ मिलीभगत से हो रहा है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएँ और भी हो सकती हैं, क्योंकि और भी एसे डंपिंग पहाड़ हैं जो नियमों के खिलाफ ऊँचाई पर खड़े हैं।

