भंडारा: महाराष्ट्र के भंडारा जिले के लाखांदूर तालुका से दिवाली के दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। डोंनाड गांव में खेत पर अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे 5 वर्षीय मासूम मोक्ष बुरडे पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बाघ बच्चे को अपने जबड़ों में दबाकर करीब 200 मीटर तक घसीटकर ले गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जिस दिन पूरा परिवार दिवाली की खुशियां मनाने की तैयारी में था, उसी दिन इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है।
माता-पिता के साथ खेत में गया था 5 वर्षीय मोक्ष
जानकारी के अनुसार, डोंनाड गांव निवासी किसान सचिन दयाराम बुरडे (45 वर्ष) गुरुवार, 5 नवंबर को अपनी पत्नी सोनाली के साथ खेत में धान की फसल के गठ्ठे बांधने का काम कर रहे थे।
मानसून की धान की फसल कटने के बाद खेत में काम जारी था। दिवाली की छुट्टी होने के कारण उनकी 10 वर्षीय बेटी नक्षत्रा और 5 वर्षीय बेटा मोक्ष भी दोपहर करीब 3 बजे माता-पिता से मिलने खेत में पहुंचे थे।
अचानक बाघ ने किया हमला, बच्चे को 200 मीटर तक घसीटा
इसी दौरान खेत में छिपे बैठे बाघ ने अचानक
पिता की चीख सुनकर मदद के लिए दौड़े किसान
बेटे पर बाघ का हमला देखकर पिता सचिन बुरडे ने जोर-जोर से चिल्लाकर मदद मांगी। उनकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
हालांकि, जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बाघ बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर चुका था। दिवाली के दिन जिस घर में खुशियों के दीप जलने थे, वहां अब मातम छा गया है।
वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही लाखांदूर वन परिक्षेत्र कार्यालय की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पाटिल भारती रामलाल नागोसे और सरपंच शिवदास बुरडे की उपस्थिति में घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया गया।
इसके बाद मासूम मोक्ष के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
बाघ के डर से किसानों में दहशत, गांव में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद डोंनाड और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। खेतों में काम करने वाले किसानों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के हमलों के कारण खेतों में काम करना भी जोखिम भरा होता जा रहा है।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
- क्षेत्र में बाघ के खतरे को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
- बुरडे परिवार को सरकार की ओर से पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
दिवाली जैसे खुशियों के पर्व पर पांच वर्षीय मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

