दीक्षाभूमि पर दीक्षाभूमि को होगा 70वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस का मुख्य समारोह, म्यांमार के भदंत वन्ना सिरी महाथेरो होंगे मुख्य अतिथि

दो दिन चलेगा धम्मोत्सव, 19 अक्टूबर को धम्मध्वजारोहण और अंतरराष्ट्रीय धम्म परिषद; महाबोधि महाविहार मामले और दीक्षाभूमि के विकास कार्यों पर भी होगी चर्चा

नागपुर: तथागत गौतम बुद्ध के धम्म संदेश और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस का मुख्य समारोह मंगलवार, 20 अक्टूबर को नागपुर की ऐतिहासिक दीक्षाभूमि में आयोजित किया जाएगा। शाम 5:30 बजे होने वाले इस समारोह में म्यांमार के भदंत वन्ना सिरी महाथेरो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

दीक्षाभूमि स्मारक समिति की ओर से 19 और 20 अक्टूबर को दो दिवसीय धम्मोत्सव का आयोजन किया गया है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। दीक्षाभूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने कार्यक्रमों की जानकारी दी।

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19 अक्टूबर को धम्मध्वजारोहण से होगी कार्यक्रमों की शुरुआत

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत सोमवार, 19 अक्टूबर को सुबह 8 बजे धम्मध्वजारोहण के साथ होगी। यह कार्यक्रम भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न होगा। इसके बाद बुद्धवंदना आयोजित की जाएगी।

धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से तथागत गौतम बुद्ध के विचारों, उनके धम्म संदेश और मानव कल्याण के सिद्धांतों को याद किया जाएगा।

शाम 6 बजे आयोजित होगी अंतरराष्ट्रीय धम्म परिषद

19 अक्टूबर को शाम 6 बजे दीक्षाभूमि में अंतरराष्ट्रीय धम्म परिषद का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से बौद्ध भिक्षु और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

परिषद में बुद्ध धम्म के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, वर्तमान समय में भगवान गौतम बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता और समाज में उनके संदेश के महत्व पर भी चर्चा होगी।

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महाबोधि महाविहार मामले की मौजूदा स्थिति की दी जाएगी जानकारी

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मुख्य समारोह में बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार से जुड़े मामले पर भी चर्चा होगी। यह मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

इस प्रकरण में पक्ष रख रहे उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एडवोकेट शैलेश नारनवरे समारोह के दौरान उपस्थित अनुयायियों को मामले की मौजूदा स्थिति और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

महाबोधि महाविहार से जुड़े मुद्दे को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया और उससे संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर उनकी प्रस्तुति को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।

दीक्षाभूमि के सौंदर्यीकरण कार्यों की भी मिलेगी जानकारी

समारोह के दौरान नागपुर सुधार प्रन्यास के माध्यम से दीक्षाभूमि में चल रहे सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी। इन कार्यों से संबंधित प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर उपस्थित लोगों को अवगत कराया जाएगा।

दीक्षाभूमि बौद्ध अनुयायियों के लिए ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का प्रमुख केंद्र है। यहां हर वर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्रित होकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक परिवर्तन और समानता के विचारों को स्मरण करते हैं।

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देश-विदेश के प्रमुख बौद्ध भिक्षु और गणमान्य व्यक्ति होंगे शामिल

मुख्य समारोह में म्यांमार के भदंत वन्ना सिरी महाथेरो के साथ एडवोकेट शैलेश नारनवरे, दिल्ली के भंते करुणाकरण और बेंगलुरु के जिग्मे सुल्त्रीम विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

दो दिवसीय आयोजन के माध्यम से बुद्ध के धम्म संदेश, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों और सामाजिक समानता के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। दीक्षाभूमि में होने वाले इन कार्यक्रमों को लेकर बौद्ध अनुयायियों में विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।

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