जिलाधिकारी कार्यालय की ओर निकाला मार्च, SIR रद्द करने की मांग
नागपुर में गुरुवार को इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस समेत गठबंधन के विभिन्न दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी प्रक्रिया रद्द करने, हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल करने और ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
बैरिकेडिंग के पास रोका गया मार्च, कार्यकर्ताओं ने की आगे बढ़ने की कोशिश
मार्च की शुरुआत वैरायटी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को अभिवादन करने के बाद हुई। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन आकाशवाणी चौक से पहले यातायात शाखा के कार्यालय के सामने पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर आगे जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पोस्टर दिखाए और नारेबाजी की।
ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला जलाया। महिला कार्यकर्ताओं ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना चाहिए।
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आगामी चुनावों में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं का विश्वास कायम रखने पर जोर दिया। साथ ही, SIR के तहत हटाए गए नामों की समीक्षा कर पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की।
अनिल देशमुख समेत कई नेता आंदोलन में शामिल
इस मार्च में पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, रमेश बंग, सुनील केदार, पूर्व मंत्री राजेंद्र मुळक, पूर्व विधायक अशोक धवड, कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे, जिला अध्यक्ष अश्विन बैस, गिरीश पांडव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के शहर अध्यक्ष दुनेश्वर पेठे सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इसके अलावा शिंदे गुट की शिवसेना के जिला प्रमुख किशोर कुमेरिया, उत्तम कापसे, युगल रायलु, अरुण लाटकर, अनिल काले, नरेंद्र जिचकार, तक्षशिला वाघधरे, कुंदा राऊत और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद गठबंधन के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद से मुलाकात की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नामों की सुरक्षा और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई।

