नागपुर में नशा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ अमली पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स और अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने संयुक्त कार्रवाई की है। बुधवार को शहर के दो मेडिकल प्रतिष्ठानों की अचानक जांच की गई। इस दौरान एक प्रतिष्ठान से 22 लाख 3 हजार 744 रुपये मूल्य की दवाओं का स्टॉक जब्त किया गया। वहीं, दूसरे मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
जागनाथ बुधवारी क्षेत्र में बिना लाइसेंस बिक रही थीं दवाएं
भारत माता चौक के पास जागनाथ बुधवारी क्षेत्र स्थित फिनिक्स मेडिक्राफ्ट में जांच के दौरान दवाओं की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई। नियमों के उल्लंघन के चलते अधिकारियों ने प्रतिष्ठान में मौजूद 22,03,744 रुपये मूल्य का पूरा दवा स्टॉक जब्त कर लिया।
वाठोडा के मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
दूसरी कार्रवाई वाठोडा स्थित एक फार्मेसी में की गई। जांच के दौरान वहां दवा नियमावली के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। नियमों का पालन नहीं करने के कारण FDA ने संबंधित मेडिकल स्टोर का दवा लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई प्रस्तावित की है।
नशे वाली दवाओं में इंजेक्शन भी शामिल
जब्त किए गए दवा स्टॉक में कुछ इंजेक्शन भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने इनमें से तीन दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद संबंधित दवाओं के बारे में अधिक जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
1 से 15 अक्टूबर तक विशेष जांच अभियान
केंद्र और राज्य सरकार के नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के उद्देश्य के तहत 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक नागपुर संभाग में मेडिकल स्टोर और फार्मेसियों की विशेष जांच मुहिम चलाई जा रही है। इसी अभियान के तहत बुधवार को दोनों प्रतिष्ठानों की औचक जांच की गई।
FDA और टास्क फोर्स की टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई FDA के सह आयुक्त मिलिंद काळेश्वरकर के मार्गदर्शन में की गई। टीम में सहायक आयुक्त मनीष चौधरी, सहायक आयुक्त अंजली मिटकर, औषध निरीक्षक स्वाती भरडे और प्रशांत रामटेके शामिल थे।
वहीं, अमली पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स की ओर से पुलिस निरीक्षक नंदकुमार केंजळे, पुलिस हवलदार प्रशांत सलाम तथा पुलिसकर्मी अंकुश गजभिये और नितुल सावजी ने कार्रवाई में भाग लिया।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाना और औषधि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

