नागपुर: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत खेत तालाब (शेततळे) मंजूरी की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी होगी। राज्य के मृद एवं जलसंधारण विभाग ने खेत तालाब के लाभार्थियों के चयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यरत जिला स्तरीय लाभार्थी चयन समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों का चयन महाडीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
इस बदलाव का उद्देश्य लाभार्थी चयन में मानवीय हस्तक्षेप और मध्यस्थों की भूमिका को कम करना तथा पात्र किसानों को सीधे योजना का लाभ पहुंचाना है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली चयन समिति हुई खत्म
अब तक खेत तालाब योजना के लिए लाभार्थियों के चयन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति के पास थी। लेकिन मृद एवं जलसंधारण विभाग की ओर से जारी शासन निर्णय के बाद यह जिला स्तरीय समिति आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी गई है।
महाडीबीटी पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया
खेत तालाब योजना के लिए प्राप्त आवेदनों की छंटनी, पात्रता की जांच और लाभार्थियों का चयन महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। पात्र आवेदकों में से चयन कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से होगा। इसके बाद प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया भी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मानवीय हस्तक्षेप और मध्यस्थों पर लगेगी रोक
ऑनलाइन और पारदर्शी लॉटरी व्यवस्था लागू होने से लाभार्थी चयन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने की उम्मीद है। इससे पात्र किसानों को बिना किसी मध्यस्थ के योजना का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।
क्या है खेत तालाब योजना?
खेत तालाब योजना के तहत बारिश के मौसम में उपलब्ध पानी को खेत में बने तालाब में संग्रहित किया जाता है। जरूरत के अनुसार इस पानी का उपयोग फसलों की सिंचाई के लिए किया जा सकता है। विशेष रूप से बारिश पर निर्भर किसानों के लिए यह योजना सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन मानी जाती है।
जिले में सैकड़ों किसानों को मिल चुका है लाभ
जिले में पहले भी सैकड़ों किसान खेत तालाब योजना का लाभ उठा चुके हैं। खेत तालाबों में संग्रहित पानी का उपयोग किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। नई ऑनलाइन व्यवस्था से पात्र किसानों तक योजना का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचने की उम्मीद है।
पात्रता के लिए ये शर्तें जरूरी
खेत तालाब योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक किसान के नाम कम से कम 0.60 हेक्टेयर यानी करीब 1.5 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है। इसके अलावा किसान का महाराष्ट्र का निवासी होना जरूरी है।
आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए और उसका बैंक खाता आधार से लिंक होना आवश्यक है। साथ ही, किसान ने इससे पहले किसी अन्य योजना के माध्यम से खेत तालाब का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
ऑनलाइन चयन से पात्र किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
आवेदकों की जानकारी, आवश्यक दस्तावेज और पात्रता की जांच ऑनलाइन होने के कारण पहले की तरह अलग से चयन समिति गठित करने की आवश्यकता नहीं रह गई है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र किसानों को खेत तालाब योजना का लाभ अधिक सरलता से मिल सकेगा।

