28 वर्षीय सुमेध गजबिये की मौत की जांच CID ने संभाली
नागपुर: 28 वर्षीय सुमेध राजेंद्र गजबिये की मौत के मामले में महाराष्ट्र राज्य अपराध जांच विभाग (CID) ने आधिकारिक तौर पर जांच अपने हाथ में ले ली है। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में डॉक्टरों ने मौत का प्राथमिक कारण अचानक आया हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, मृतक के शरीर पर कुछ छोटी आंतरिक चोटें भी पाई गई हैं, जिनकी प्रकृति और मौत पर उनके प्रभाव का पता विस्तृत पोस्टमॉर्टम और रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
CID के वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में जांच
महाराष्ट्र राज्य CID के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने जांच CID को सौंपे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कस्टडी में मौत के मामलों से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया जा रहा है। नागपुर में चल रही जांच की सीधे निगरानी SP (CID) अभिजीत धाराशिवकर कर रहे हैं।
चेन लूट के आरोप में पकड़ा गया था सुमेध
पुलिस के अनुसार, नरसाला निवासी सुमेध गजबिये पर अपने साथी के साथ मिलकर लूट करने का आरोप था। बताया गया है कि सुमेध और उसका साथी दीपक पाटिल डिलीवरी एजेंट बनकर बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के पृथ्वीराज नगर स्थित उषा धार्मिक के घर पहुंचे थे। यह स्थान बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन से करीब 500 मीटर की दूरी पर बताया गया है।
चाकू दिखाकर सोने की चेन छीनने का आरोप
आरोप है कि सुमेध ने उषा धार्मिक को चाकू दिखाकर धमकाया और उनकी सोने की चेन छीन ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने दोनों का पीछा किया। इस दौरान दीपक पाटिल भागने में सफल रहा, जबकि लोगों ने सुमेध को घेर लिया और कथित रूप से उसके साथ मारपीट की।
पुलिस थाने पहुंचने के बाद बिगड़ी तबीयत
एक पुलिस बीट मार्शल ने सुमेध को भीड़ से बचाकर बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचाया। थाने पहुंचने के कुछ ही समय बाद उसने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद उसे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), नागपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मंगलवार शाम करीब 4:20 बजे उसे मृत घोषित कर दिया।
शरीर पर चोटों की भी जांच होगी
प्रारंभिक मेडिकल जांच में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट सामने आया है, लेकिन डॉक्टरों को शरीर पर कुछ आंतरिक चोटें भी मिली हैं। CID अब यह पता लगाएगी कि इन चोटों का मौत पर कितना प्रभाव था और कथित मारपीट तथा हृदयाघात के बीच क्या संबंध था।
दीपक पाटिल की तलाश जारी
घटना के 24 घंटे से अधिक समय बाद भी पुलिस सुमेध के कथित साथी दीपक पाटिल का पता नहीं लगा सकी है। जांच के दौरान पुलिस को उपलब्ध अपराध रिकॉर्ड और डेटाबेस में उसके नाम से कोई स्पष्ट मिलान नहीं मिला है। ऐसे में जांचकर्ता इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि सुमेध ने अपने साथी को बचाने के लिए फर्जी नाम बताया हो।
मेडिकल उपचार में देरी समेत पूरे घटनाक्रम की जांच
CID जांच में घटना की पूरी समय-सीमा की पड़ताल की जाएगी। इसमें भीड़ द्वारा कथित मारपीट, पुलिस के पास लाए जाने के बाद चिकित्सा सहायता मिलने में हुई संभावित देरी और हार्ट अटैक समेत सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। विस्तृत पोस्टमॉर्टम और रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

