नागपुर : संजय गांधी निराधार योजना और श्रावणबाल सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना के लाभार्थियों के लिए हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित समय में जीवन प्रमाणपत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा नहीं करने पर लाभार्थी को मिलने वाला 1,500 रुपये का मासिक अनुदान रोका या बंद किया जा सकता है।
नागपुर शहर में करीब 70 हजार लाभार्थी
इन दोनों योजनाओं के माध्यम से बुजुर्ग, निराधार, दिव्यांग और विधवा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। नागपुर शहर में करीब 70 हजार लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
बीएसए एप के माध्यम से जमा होगा जीवन प्रमाणपत्र
सरकार के 7 मई 2026 के निर्णय के अनुसार अब ‘बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन सिस्टम’ यानी बीएसए एप के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा करना आवश्यक है। जिन लाभार्थियों ने अभी तक प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है, वे अपने मोबाइल पर बीएसए एप डाउनलोड कर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ से भी सुविधा
जिन लाभार्थियों को मोबाइल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है, वे अपने नजदीकी ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ में जाकर भी जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
फिंगरप्रिंट की समस्या होने पर कार्यालय में संपर्क करें
जिन लाभार्थियों के अंगूठे या फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो रहा है, अथवा अधिक उम्र या दिव्यांगता के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में तकनीकी परेशानी आ रही है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय स्थित संजय गांधी योजना कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहां उनकी समस्या के समाधान की व्यवस्था की गई है।
समय पर प्रमाणपत्र जमा करने की अपील
निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे ने बताया कि निर्धारित समय में जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा नहीं करने पर संबंधित लाभार्थी का मासिक अनुदान रोका या बंद किया जा सकता है। इसलिए सभी पात्र लाभार्थियों से समय रहते जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की अपील की गई है।

