गोंडखैरी, कलमेश्वर: अदाणी फाउंडेशन और निरामय बहुउद्देशीय सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रकल्प स्वावलंबन : कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण’ के अंतर्गत सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण गोंडखैरी के वार्ड क्रमांक 1 में किया गया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ना है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
लोकार्पण समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में आमदार डॉ. आशीष देशमुख, आमदार डॉ. राजीवजी पोतदार और नागपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायकजी महामुनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गोंडखैरी की सरपंच वर्षा विजय अतकरी और ग्राम विकास अधिकारी मनोज गोटे सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
अदाणी फाउंडेशन और संस्था के पदाधिकारी उपस्थित
अदाणी माइंस की ओर से सुधीर सोनी, सुनील ठोंबरे, प्रदीप मेहता, धीरज पाडोले, अक्षय डांगे और अमन सहारे उपस्थित रहे। निरामय बहुउद्देशीय सेवा संस्था के अध्यक्ष प्रकाश पांडा सहित हिमांशू तागडे, नूतन कांबले, अनघा मोघे, भाग्यश्री टेंभुर्कर और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम में डॉ. आशीष देशमुख और डॉ. राजीवजी पोतदार ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को सिलाई मशीन देने का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इससे प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को घर से ही काम शुरू करने और आय अर्जित करने का अवसर मिल सकेगा।
जिला परिषद से कपड़ों के काम के आदेश देने का आश्वासन
नागपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायकजी महामुनी ने जिला परिषद के विद्यालयों के लिए आवश्यक कपड़ों के आदेश प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को देने के संबंध में सकारात्मक रुख व्यक्त किया। इससे प्रशिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम के अवसर मिलने की संभावना है।
महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में पहल
सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से गोंडखैरी और आसपास के क्षेत्र की महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शुरू किया गया है।

