डिजिटल गिरफ्तारी से फर्जी फेसबुक लिंक तक: साइबर ठगों का आतंक, दो बुजुर्गों से 6.5 लाख रुपये ठगे

नागपुर: साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से शहर के दो बुजुर्गों को अपना निशाना बनाकर कुल 6.5 लाख रुपये की ठगी की। खामला क्षेत्र के 65 वर्षीय बुजुर्ग को मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का अधिकारी बनकर डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए 4.5 लाख रुपये ठगे गए। वहीं अजनी क्षेत्र में 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी के मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर 2 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई। दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस और एनआईए अधिकारी बनकर 4.5 लाख रुपये ठगे

जयप्रकाशनगर, खामला स्थित विभुराम अपार्टमेंट निवासी सुरेश भास्करराव पोहनकर (65) को 25 अगस्त को एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को मुंबई पुलिस मुख्यालय का वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ‘आकाश शर्मा’ बताया।

ठग ने पोहनकर को बताया कि उनके पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर एचडीएफसी बैंक में एक खाता खोला गया है और इस खाते का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने में किया गया है। इस जानकारी से उन्हें भयभीत किया गया।

गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर बनाया दबाव

इसके बाद अन्य ठगों ने खुद को एनआईए अधिकारी बताकर व्हाट्सऐप के माध्यम से पोहनकर से संपर्क किया। उन्हें गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर मानसिक दबाव में रखा गया।

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निर्दोष साबित करने के नाम पर कराया धन हस्तांतरण

ठगों ने बैंक खाते की जांच और पोहनकर को निर्दोष साबित करने के नाम पर उनसे 4.5 लाख रुपये अपने खातों में स्थानांतरित करवा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पोहनकर ने पुलिस से शिकायत की। साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

फेसबुक पर दिखाई दी बैंक की फर्जी लिंक

रामेश्वरी रिंग रोड, कुकड़े ले-आउट निवासी ज्ञानेश्वर बापू ढोबले (70) बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हैं। 21 जुलाई को वे घर पर फेसबुक देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र की सुविधा उपलब्ध कराने वाली एक लिंक दिखाई दी।

लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल पर ठगों का नियंत्रण

ढोबले ने लिंक को बैंक से संबंधित समझकर उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने कथित रूप से उनके मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर लिया। ठगों ने मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और यूपीआई सेवाओं तक पहुंच बनाकर उनकी जानकारी के बिना खाते से 2 लाख रुपये के अनधिकृत लेनदेन कर दिए।

अजनी पुलिस ने दर्ज किया मामला

खाते से रकम कम होने का पता चलने के बाद ढोबले ने अजनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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साइबर ठगी के बढ़ते तरीकों से रहें सावधान

दोनों घटनाओं में ठगों ने अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया। एक मामले में डिजिटल गिरफ्तारी और सरकारी अधिकारी होने का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में फर्जी फेसबुक लिंक के जरिए मोबाइल और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बनाई गई। नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक करने, फोन पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने और किसी के दबाव में धन हस्तांतरित करने से बचना चाहिए।

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