मुंबई: गणेशोत्सव के दौरान भक्तों को स्वच्छ, शुद्ध और सुरक्षित महाप्रसाद उपलब्ध कराने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का पालन अनिवार्य किए जाने के बाद आर्थिक बोझ और कार्रवाई के डर से कई गणेश मंडलों ने महाप्रसाद का आयोजन रद्द करने का निर्णय लिया है।
एफओएससीओएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
एफडीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार महाप्रसाद आयोजित करने वाले गणेश मंडलों को एफओएससीओएस पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा प्रसाद तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल, घी, बेसन, मावा सहित खाद्य सामग्री केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदना अनिवार्य किया गया है।
लाइसेंसधारी कैटरर की भी अनिवार्यता
महाप्रसाद तैयार करने और वितरित करने के लिए लाइसेंसधारी कैटरर की सेवा लेना भी जरूरी है। छोटे गणेश मंडलों का कहना है कि इन सभी नियमों को पूरा करने में अतिरिक्त खर्च आएगा, जो उनके लिए आर्थिक रूप से वहन करना मुश्किल है।
कार्रवाई के डर से मंडलों में चिंता
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली के चलते गणेश मंडलों में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। मंडलों का कहना है कि नियमों की जानकारी और तैयारियों के लिए पर्याप्त समन्वय का अवसर नहीं मिल पाया और कई बैठकें ऐन मौके पर तय होने से समस्या और बढ़ गई।
वर्षों पुरानी महाप्रसाद परंपरा पर संकट
गणेशोत्सव में वर्षों से चली आ रही महाप्रसाद की परंपरा को इस वर्ष कैसे जारी रखा जाए, इसे लेकर छोटे मंडल असमंजस में हैं। नियमों को पूरा करने में आने वाले खर्च और कार्रवाई की आशंका को देखते हुए कई मंडलों ने सावधानी बरतते हुए महाप्रसाद का निर्धारित कार्यक्रम ही रद्द कर दिया है।

