नागपुर: आगामी नवरात्रि 2026 को लेकर महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आयोजकों से प्रतिभागियों की पहचान सत्यापित करने और मुस्लिम समुदाय के लोगों को आयोजनों में शामिल नहीं करने की अपील की है। नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी।
मुस्लिमों की भागीदारी नहीं होने देने का फैसला
VHP के प्रवक्ता एवं संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा कि संगठन ने नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भागीदारी नहीं होने देने का निर्णय लिया है। उनका तर्क है कि नवरात्रि केवल नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू देवी की आराधना का पर्व है।
आधार कार्ड की जांच की सलाह
VHP की ओर से गरबा और डांडिया आयोजकों को प्रतिभागियों की पहचान की जांच करने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत प्रवेश से पहले आधार कार्ड की जांच करने और प्रतिभागियों के माथे पर तिलक लगाने जैसे उपाय अपनाने की बात कही गई है।
VHP ने धार्मिक स्वरूप का दिया हवाला
श्रीराज नायर के अनुसार, गरबा-डांडिया कार्यक्रम नवरात्रि में देवी की पूजा से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं। इसी आधार पर संगठन ने मुस्लिमों को इन आयोजनों में शामिल नहीं करने की अपील की है।
आयोजकों की भूमिका पर नजर
VHP के इन दिशा-निर्देशों के बाद महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि आयोजनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आयोजकों द्वारा पहचान सत्यापन और प्रवेश संबंधी नियम किस तरह लागू किए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

