कामठी: शहर का आर्थिक केंद्र माने जाने वाला शुक्रवार बाजार इन दिनों प्रशासन की अनदेखी के कारण कीचड़ और गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। नगर परिषद को बाजार से हर साल लाखों रुपये का राजस्व मिलने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने से व्यापारियों और ग्राहकों में नाराजगी है।
रुईगंज मैदान में रोजाना लगता है बाजार
कामठी शहर के विस्तार के कारण शुक्रवार बाजार अब केवल शुक्रवार तक सीमित नहीं है। रुईगंज मैदान में प्रतिदिन खरीद-बिक्री होती है। कामठी के अलावा आजनी, रनाला, येरखेड़ा, खैरी और गादा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। मेट्रो परियोजना में काम करने वाले श्रमिक भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।
कीचड़ में दुकान लगाने को मजबूर व्यापारी
बारिश के कारण पूरे मैदान में कीचड़ फैल गया है। सब्जी विक्रेताओं और अन्य दुकानदारों को कीचड़ में बैठकर सामान बेचना पड़ रहा है। वहीं ग्राहकों के लिए बाजार में चलने तक की पर्याप्त जगह नहीं बची है।
नगर परिषद और ठेकेदार के बीच विवाद
नियमों के अनुसार बाजार की देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। ठेकेदार को प्रति मीटर 5 रुपये की दर से वसूली करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, बाजार क्षेत्र की अधिकृत माप नहीं होने के कारण व्यापारी उपलब्ध जगह के अनुसार दुकानें लगा रहे हैं, जिससे रोजाना विवाद की स्थिति बनती है।
40 लाख रुपये से अधिक का ठेका
वर्ष 2026-27 के लिए बाजार की वसूली का ठेका 40 लाख 18 हजार 827 रुपये में दिया गया है। इसके बावजूद कीचड़ कम करने के लिए मैदान में मुरुम तक नहीं डाला गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
व्यापारियों ने लगाए कर्मचारियों पर गंभीर आरोप
दुकानदारों का आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी बाजार में नियमित रूप से निरीक्षण करने तक नहीं आते। व्यापारियों और ग्राहकों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल कीचड़ और स्वच्छता की समस्या दूर कर बाजार में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

