देवलापार: डोंगरताल क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का कारण बनी ‘TUI21’ कोड वाली विवादित बाघिन को वन विभाग ने एक बार फिर पकड़ लिया है। इससे पहले रेस्क्यू कर उसे करीब 14 किलोमीटर दूर बोदलझिरा क्षेत्र में छोड़ा गया था, लेकिन वह दोबारा डोंगरताल लौट आई और शिकार करने लगी। इसके बाद स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन गया था।
10 अगस्त तक मिली थी कार्रवाई की अनुमति
वन विभाग को बाघिन को पकड़ने के लिए 10 अगस्त तक कार्रवाई की अनुमति मिली थी। इसी के तहत 10 अगस्त की दोपहर के बाद बाघिन को दोबारा जेरबंद किया गया।
लोकेशन बदलने पर पिंजरा दूसरी जगह किया गया
शुरुआत में डोंगरताल क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया था, लेकिन बाघिन की लोकेशन बदलने के बाद पिंजरे को उसरीपार जंगल क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरों की मदद से बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी।
डार्ट कर सुरक्षित पकड़ी गई बाघिन
बाघिन की सही लोकेशन मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे डार्ट कर बेहोश किया और सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वन विभाग की गोपनीयता पर उठे सवाल
कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि यह अभियान किसके नेतृत्व में चलाया गया और बाघिन को आखिर कहां ले जाया गया। वन विभाग की ओर से इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अब कहां भेजी जाएगी TUI21?
इससे पहले बाघिन को डोंगरताल से 14 किलोमीटर दूर बोदलझिरा में छोड़ा गया था, लेकिन वह दोबारा अपने पुराने क्षेत्र में लौट आई। ऐसे में अब उसे किस स्थान पर भेजा जाएगा और इस बार उसे दोबारा लौटने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

