भंडारा: भंडारा शहर के आंबेडकर वार्ड स्थित आंगनवाड़ी के शौचालय में साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास की घटना से पूरे शहर में आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में शुक्रवार, 7 अगस्त को छात्र, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने ‘बलात्कारी को फांसी दो’ और ‘हमें सुरक्षा दो’ जैसे नारे लगाते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
‘स्कूल बंद’ के आह्वान को मिला छात्रों का समर्थन
सामाजिक संगठनों की ओर से किए गए ‘स्कूल बंद’ के आह्वान को छात्रों का व्यापक समर्थन मिला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं गांधी चौक पर एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकाला। हाथों में विरोधी तख्तियां लेकर छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की।
त्रिमूर्ति चौक पर पुलिस ने रोका मार्च
गांधी चौक से निकला मार्च जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने त्रिमूर्ति चौक पर मार्च को रोक दिया। इसके बाद वहीं छात्रों की सभा हुई। छात्राओं ने अपने संबोधन में सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं उठाईं और न्याय के साथ आरोपी को कठोर सजा देने की मांग की।
छात्राओं ने उठाए सुरक्षा पर गंभीर सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कहा कि लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि बस की प्रतीक्षा करते समय उनके मोबाइल से तस्वीरें खींची जाती हैं और पुलिस को जानकारी होने के बावजूद बस अड्डे पर होने वाली अवांछित गतिविधियों पर पर्याप्त रोक नहीं लग रही है। छात्राओं ने पुलिस से सवाल किया कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा?
छात्रों के साथ युवा और महिलाएं भी उतरीं
प्रदर्शन में छात्राओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। उनके साथ युवा और महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने इलाके में भारी बंदोबस्त किया था। त्रिमूर्ति चौक के आसपास बैरिकेड लगाए गए और प्रदर्शन क्षेत्र की ओर आने वाले मार्ग को भी बंद रखा गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सौंपा ज्ञापन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों तथा सामाजिक संगठनों का ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ अधिकतम कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही मामले की सुनवाई त्वरित न्यायालय में कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने की बात कही।
विभिन्न संगठनों ने की फांसी की मांग
घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों ने जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे कड़ी से कड़ी सजा और फांसी देने की मांग की।
नीलम गोऱ्हे ने की कठोर कार्रवाई की मांग
घटना की गंभीरता को देखते हुए शिवसेना नेता तथा विधान परिषद सदस्य डॉ. नीलम गोऱ्हे ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन भेजा। उन्होंने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित सभी कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने और विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग की।
पूरे राज्य में बाल सुरक्षा कार्ययोजना लागू करने की मांग
डॉ. नीलम गोऱ्हे ने बाल यौन शोषण के मामलों में ‘शून्य विलंब, शून्य लापरवाही और शून्य सहनशीलता’ के सिद्धांत पर जांच करने के निर्देश देने की मांग की। साथ ही स्कूलों, आंगनवाड़ियों, सार्वजनिक शौचालयों, उद्यानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और बाल सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता जताई।

