नागपुर के गंजीपेठ इलाके में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और नियंत्रित श्रेणी की गोलियों का अवैध भंडार जब्त किया है। इस मामले में संबंधित मेडिकल स्टोर के दो साझेदारों के खिलाफ गणेशपेठ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दवाओं के स्रोत और उनकी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रही है।
मामला क्या है?
एफडीए के औषधि निरीक्षक प्रशांत राजेंद्र रामटेके को सूचना मिली थी कि गंजीपेठ स्थित ‘द बॉम्बे फार्मा’ नामक मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के बिना प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर 10 जून को एफडीए की टीम ने दुकान पर छापा मारा।
छापे में क्या मिला?
कार्रवाई के दौरान टीम को दुकान से कई संदिग्ध दवाएं मिलीं, जिनमें शामिल हैं:
- ‘कॉन्ट्राकिट’ नामक गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवा।
- ‘अल्प्राजो 0.5’ नामक नियंत्रित श्रेणी की गोलियां।
- डॉक्टर की पर्ची के बिना बेची जा रही दवाओं का स्टॉक।
- खरीद और बिक्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
‘अल्प्राजो 0.5’ क्यों है संवेदनशील?
‘अल्प्राजो 0.5’ में अल्प्राजोलाम नामक तत्व होता है।
- इसका उपयोग चिंता (Anxiety) और पैनिक डिसऑर्डर के इलाज में किया जाता है।
- यह बेंज़ोडायज़ेपाइन श्रेणी की दवा है।
- इसका गलत उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
- इसलिए इसकी बिक्री केवल डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकती है।
एफडीए ने क्या कार्रवाई की?
जांच के दौरान एफडीए ने मेडिकल स्टोर संचालकों से:
- दवाओं की खरीद के बिल,
- स्टॉक का रिकॉर्ड,
- आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज
मांगे थे। लेकिन तय समय सीमा तक कोई संतोषजनक जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद एफडीए ने दवाओं का पूरा स्टॉक जब्त कर नोटिस जारी किया।
किन लोगों पर मामला दर्ज हुआ?
इस मामले में मेडिकल स्टोर के साझेदार:
- विमल राजकुमार चांदवाणी
- विक्की राजकुमार चांदवाणी
के खिलाफ गणेशपेठ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस क्या जांच कर रही है?
पुलिस अब निम्न बिंदुओं की जांच कर रही है:
- जब्त की गई दवाएं कहां से लाई गई थीं?
- इनकी आपूर्ति किसने की?
- क्या अन्य मेडिकल स्टोरों में भी ऐसी अवैध बिक्री हो रही थी?
- इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है?

