मां के स्नेह और बच्चे के बीच के अटूट रिश्ते का भावुक दृश्य बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में देखने को मिला। पति द्वारा कथित रूप से मां से अलग की गई चार वर्षीय बच्ची को अदालत के आदेश पर उसकी मां की अभिरक्षा में सौंप दिया गया। जैसे ही बच्ची ने अदालत कक्ष में अपनी मां को देखा, वह दौड़कर उनसे लिपट गई। दोनों की आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
हाईकोर्ट ने मां के पक्ष में सुनाया फैसला
यह फैसला न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने सुनाया। नागपुर के टेका नाका क्षेत्र निवासी महिला करीना (परिवर्तित नाम) ने अपनी बेटी की अभिरक्षा वापस पाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
बीमारी के दौरान पति पर प्रताड़ना का आरोप
याचिका के अनुसार, 4 फरवरी 2020 को महिला का विवाह हुआ था। शादी के कुछ समय बाद वह क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित हो गई। महिला का आरोप है कि उसके पति ने इलाज कराने से इनकार कर दिया और उसके साथ शारीरिक तथा मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी।
लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर अप्रैल 2025 में वह अपनी बेटी को लेकर मायके में रहने लगी।
मां की जानकारी के बिना बच्ची को ले गया पिता
महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसका पति उसकी जानकारी के बिना बेटी को अपने साथ ले गया। उसने कई बार बेटी को वापस देने और मिलने की गुहार लगाई, लेकिन पति ने न तो बच्ची लौटाई और न ही मां-बेटी की मुलाकात होने दी। इसके बाद महिला ने न्यायालय की शरण ली।
चार साल की बच्ची को मां के स्नेह की सबसे अधिक जरूरत: हाईकोर्ट
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि चार वर्ष की आयु में बच्चे को सबसे अधिक मां के प्यार, स्नेह और देखभाल की आवश्यकता होती है। अदालत ने माना कि बच्ची को मां से अलग रखना उचित नहीं है और उसकी अभिरक्षा मां को सौंपना ही उसके हित में होगा।
पिता को भी दिया बेटी से मिलने का अधिकार
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्ची और उसके पिता के बीच संबंध बने रहना भी आवश्यक है। इसलिए अदालत ने पिता को हर 15 दिन में एक बार पारिवारिक न्यायालय के विशेष कक्ष में बेटी से मिलने की अनुमति दी है।
अदालत का भावुक दृश्य बना चर्चा का विषय
फैसला सुनाए जाने के बाद जब बच्ची अपनी मां से मिली तो वह दौड़कर उनसे लिपट गई। मां-बेटी के इस भावुक मिलन को देखकर अदालत में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह दृश्य लंबे समय तक सभी के मन में बना रहा।

