नागपुर: शहर के हनुमाननगर क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुख्यात अपराधी गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर (45) की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मनीषा बोरकर (37) ही मुख्य साजिशकर्ता निकली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मनीषा ने एक लाख रुपये की सुपारी देकर हिस्ट्रीशीटर अपराधियों से अपने पति की हत्या करवाई।
पत्नी ही निकली हत्या की मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मनीषा बोरकर ने ही पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी। गुन्हे शाखा की टीम ने उसे और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य 2-3 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
घरेलू विवाद और प्रताड़ना बनी हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार:
- मनीषा का मायका कन्हान में है
- उसने पहले पति से अलग होने के बाद 14 साल पहले गणेश बोरकर से दूसरी शादी की थी
- गणेश बोरकर इलाके का कुख्यात गुंडा था और उसकी दहशत फैली हुई थी
- वह घर में भी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट और विवाद करता था
- लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर मनीषा बच्चों के साथ श्यामनगर में अलग रहने लगी थी
इसके बावजूद बोरकर उसे परेशान करता रहा, जिससे तंग आकर मनीषा ने हत्या की साजिश रच डाली।
‘तुझा मर्डर करेन तर मीच करेन’—धमकी से मिला सुराग
जांच के दौरान मृतक की मां सुशीला बोरकर के बयान ने केस को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि:
- एक कार्यक्रम में अपमान के बाद मनीषा ने खुली धमकी दी थी
- उसने कहा था: “तुझा मर्डर करेन तर मीच करेन”
- साथ ही यह भी कहा था कि जो भी बोरकर की हत्या करेगा, उसे एक लाख रुपये देगी
इसी बयान के आधार पर पुलिस ने मनीषा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के साथ मिलकर रची साजिश
पुलिस के अनुसार मनीषा ने:
- अभिजीत पुरुषोत्तम साखरे (21)
- रोहित बोरकर (कन्हान)
- और एक विधि संघर्षग्रस्त बालक
के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिलवाया।
दागिने बेचकर दी सुपारी की रकम
जांच में यह भी सामने आया कि:
- मनीषा ने अपने गहने बेचकर 50 हजार रुपये अग्रिम दिए
- बाकी 50 हजार रुपये हत्या के बाद देने का सौदा तय हुआ था
- आरोपी पहले से ही हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर हत्या, मारपीट, हमला और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हैं
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
इस मामले में:
- आरोपियों को भांडेवाड़ी पुलिस के हवाले किया गया है
- फरार आरोपियों की तलाश जारी है
- यह पूरी कार्रवाई गुन्हे शाखा उपायुक्त दीपक अग्रवाल और सहायक पुलिस आयुक्त शिवप्रसाद पारवे के मार्गदर्शन में की गई
- निरीक्षक विनायक गोल्हे और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
यह घटना नागपुर में एक बार फिर घरेलू विवाद से उपजे खतरनाक अपराध की गंभीरता को उजागर करती है, जहां एक पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की साजिश रच डाली।

