नागपुर: शहर के व्यस्त सेंट्रल एवेन्यू स्थित गीतांजली चौक के पास सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 70 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत की पैरापेट दीवार कार पर गिरने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर में खतरनाक इमारतों पर मनपा की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा – अचानक गिरी दीवार, कार चकनाचूर
- यह हादसा शाम करीब 5:28 बजे हुआ, जब इमारत की छत की पैरापेट (संरक्षक) दीवार का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा।
- दीवार सीधे नीचे खड़ी कार पर गिरी, जिससे कार पूरी तरह चपटी हो गई।
- कार में बैठे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान – फुटाला निवासी संतोष गौर
- मृतक की पहचान संतोष छोटेलाल गौर (52 वर्ष) के रूप में हुई है।
- वे फुटाला क्षेत्र के निवासी थे और वाहन के काम से वहां स्थित गैरेज आए थे।
- घटना के समय वे अपनी ह्युंडई क्रेटा कार में बैठे हुए थे।
कहां हुई घटना – व्यस्त इलाके में खड़ी थी इमारत
- हादसा ‘नारायण चेंबर्स’ इमारत के बाहर हुआ, जहां नीचे कई व्यावसायिक दुकानें संचालित हैं।
- इमारत जी+3 (तलमंजिल सहित तीन मंजिला) संरचना वाली है।
- भूतल पर बॉम्बे स्कूटर्स, चिप्स स्कूटर्स और एक्सेसरीज की दुकानें हैं, जबकि पहली मंजिल पर कैनरा बैंक की शाखा संचालित होती है।
राहत कार्य – स्थानीय लोगों और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
- हादसे के बाद आसपास के दुकानदारों और नागरिकों ने तुरंत मलबा हटाकर घायल को बाहर निकाला।
- अग्निशमन विभाग, पुलिस और मनपा अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
- पूरे क्षेत्र को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
अन्य वाहनों को भी भारी नुकसान
- इस दुर्घटना में एक अन्य चारपहिया वाहन समेत तीन मोटरसाइकिल और दो दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
- केवल ह्युंडई क्रेटा कार का ही करीब 12 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है।
- कुल मिलाकर इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
घटना के बाद अफरा-तफरी, ट्रैफिक हुआ प्रभावित
- हादसे के बाद क्षेत्र में घबराहट और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
- इसके चलते सेंट्रल एवेन्यू पर लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
मनपा पर उठे सवाल – जर्जर इमारतों पर कार्रवाई कब?
- यह इमारत काफी समय से जर्जर हालत में थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
- घटना के बाद नागरिकों ने मनपा की लापरवाही पर नाराजगी जताई है।
- अब सवाल उठ रहा है कि शहर में मौजूद अन्य खतरनाक इमारतों पर कब सख्त कार्रवाई होगी।
इस दर्दनाक हादसे ने नागपुर में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन से अब जल्द ठोस कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

