नागपुर: शहर के कम्पटी रोड स्थित ‘छावा बाय शेर-ए-पंजाब’ रेस्टोरेंट में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान मेन्यू आइटम को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद
- जानकारी के अनुसार, उप्पलवाड़ी निवासी ऐश्वर्या शर्मा (30) ने अपने मित्र की पत्नी के जन्मदिन के लिए रेस्टोरेंट में करीब 15 लोगों की पार्टी बुक की थी
- इसके लिए उन्होंने ₹4,000 एडवांस ऑनलाइन भुगतान भी किया था
- रात करीब 10 बजे परिवार के 12 सदस्य, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, रेस्टोरेंट पहुंचे
मेन्यू में आइटम उपलब्ध न होने से बढ़ा विवाद
- ऑर्डर देने के दौरान ग्राहकों को बताया गया कि मेन्यू के कई आइटम उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पहले से बुकिंग की गई थी
- इस पर जब ग्राहकों ने मैनेजमेंट से जवाब मांगा, तो विवाद बढ़ गया और कहासुनी शुरू हो गई
रेस्टोरेंट मालिक और स्टाफ पर मारपीट के आरोप
- पुलिस के मुताबिक, रेस्टोरेंट मालिक संजय पावनी ने ग्राहकों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया
- आरोप है कि उन्होंने एक ग्राहक पर सिरेमिक प्लेट फेंकी
- इसके बाद अन्य स्टाफ भी विवाद में शामिल हो गए और ग्राहकों के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई
- इतना ही नहीं, रेस्टोरेंट का प्रवेश द्वार बंद कर ग्राहकों को अंदर ही रोके रखने का भी आरोप है
महिलाओं के साथ भी बदसलूकी का आरोप
- पीड़ितों का कहना है कि महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई
- उन्हें धमकियां देने की भी शिकायत सामने आई है
कई लोग घायल, अस्पताल में इलाज जारी
- इस घटना में मनीष डोमड़े के सिर और भौंह पर चोटें आईं
- वहीं सुधा सेन के हाथ में चोट लगी
- अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
- मामले की शिकायत के आधार पर यशोधरा नगर पुलिस ने
- रेस्टोरेंट मालिक संजय पावनी
- और कई कर्मचारियों (जिसमें तीन महिला स्टाफ भी शामिल)
के खिलाफ मारपीट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है
- फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
उपभोक्ता अधिकार संगठन ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
- इस घटना पर ग्राहक अधिकार कार्यकर्ता नितिन सोलंके ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि
- ग्राहकों को अपनी शिकायत रखने पर हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या शहर के रेस्टोरेंट्स में ग्राहकों की सुरक्षा और सेवा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।

