पानी की गहराई दिखाने गया छात्र, जलाशय में डूबने से मौत

उमरेड के मकरधोकड़ा जलाशय में दर्दनाक हादसा

नागपुर शहर से घूमने गए आठ दोस्तों में से एक छात्र की उमरेड तालुका स्थित मकरधोकड़ा जलाशय में डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के सामने ही छात्र पानी में पीछे-पीछे जाता रहा और अचानक गहरे पानी में समा गया। घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे उमरेड पुलिस थाना क्षेत्र में हुई।

11वीं के छात्र की गई जान

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मृतक का नाम अतुल नारायण राऊत (17) है, जो नागपुर के भांडेप्लॉट इलाके का निवासी था। वह नागपुर के बिंझाणी कॉलेज में 11वीं कक्षा का छात्र था।

जानकारी के अनुसार अतुल अपने सात दोस्तों के साथ मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे दोपहिया वाहनों से मकरधोकड़ा जलाशय घूमने पहुंचा था।

पानी देखकर दोस्तों को आया तैरने का मन

घूमते-घूमते सभी दोस्त जलाशय के जलग्रहण क्षेत्र तक पहुंच गए। यहां एक नाला जलाशय में मिल रहा था, जिसमें काफी पानी भरा हुआ था। पानी देखकर सभी दोस्तों का तैरने का मन हुआ और वे नाले में उतर गए।

हालांकि अतुल को तैरना नहीं आता था, फिर भी वह पानी में उतर गया।

‘पानी की लेवल दिखाता हूं’ कहते हुए गहरे पानी में चला गया

दोस्तों के बीच हंसी-मजाक चल रहा था। इसी दौरान अतुल ने पानी की गहराई दिखाने की बात कही और धीरे-धीरे पीछे की ओर बढ़ने लगा। अंदर मौजूद कीचड़ और गाद के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया।

देखते ही देखते अतुल पानी में डूब गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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मछुआरा मजदूर मदद के लिए पहुंचे

दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे मत्स्य व्यवसाय से जुड़े मजदूर तुरंत मौके पर पहुंचे और खोज अभियान शुरू किया। करीब रात 7 बजे अतुल का शव पानी से बाहर निकाला गया।

शव को पोस्टमार्टम के लिए उमरेड के ग्रामीण अस्पताल भेजा गया है। मामले में उमरेड पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इन लोगों ने खोज अभियान में निभाई अहम भूमिका

शव को बाहर निकालने के अभियान में —

  • गुलाब कामठे
  • मारोती नागपुरे
  • गजानन नागपुरे
  • चिंतामण चाचरकर
  • पांडुरंग कामठे
  • सुरेश येंबडवार

ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खतरनाक क्षेत्र होने के बावजूद लोग नहीं मानते चेतावनी

स्थानीय प्रशासन के अनुसार मकरधोकड़ा जलाशय का यह जलग्रहण क्षेत्र बेहद खतरनाक माना जाता है। यहां तैरने पर रोक लगाने वाले चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन लोग इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लेते।

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