महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अत्यधिक जिम वर्कआउट और परीक्षा के तनाव ने एक 23 वर्षीय युवक की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। युवक को अचानक पैरालिसिस अटैक आया और उसके दिमाग में ब्लड क्लॉट बनने की पुष्टि हुई। समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
अत्यधिक वर्कआउट बना खतरे की वजह
जानकारी के मुताबिक, नागपुर निवासी ओम भोयर लगातार कई घंटों तक जिम में भारी वेट ट्रेनिंग कर रहा था। इसी दौरान वह परीक्षा की तैयारी के कारण रातभर जाग रहा था और मानसिक तनाव में भी था। लगातार शरीर पर बढ़ते दबाव की वजह से उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
दिमाग में बनी खून की गांठ
डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि युवक के दिमाग में ब्लड क्लॉट बन गया था और ब्रेन में ब्लीडिंग की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके कारण उसे पैरालिसिस जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक वजन उठाने और शरीर पर ज्यादा दबाव डालने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे ऐसी गंभीर स्थिति बन सकती है।
मां की सतर्कता से बची जान
ओम की मां पेशे से नर्स हैं। बेटे की हालत बिगड़ते ही उन्होंने तुरंत स्थिति को समझा और बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर इलाज शुरू किया, जिसके चलते युवक की जान बच गई।
आधुनिक सर्जरी से मिला नया जीवन
डॉक्टरों ने युवक पर मेकैनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी नाम की एडवांस प्रक्रिया की, जिसमें कैथेटर की मदद से दिमाग तक पहुंचकर खून की गांठ निकाली गई और ब्लड फ्लो को सामान्य किया गया। शुरुआत में युवक की हालत बेहद गंभीर थी, लेकिन इलाज के बाद कुछ ही दिनों में वह अपने पैरों पर खड़ा हो गया।
डॉक्टरों ने युवाओं को दी चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ट्रेनर की निगरानी में भारी वर्कआउट करना बेहद खतरनाक हो सकता है। लगातार ओवरट्रेनिंग, नींद की कमी और तनाव शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं। डॉक्टरों ने युवाओं को सलाह दी है कि जिम करते समय शरीर की क्षमता का ध्यान रखें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

