आधुनिक गुरुकुल की अवधारणा पर आधारित पहल, वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा वैश्विक स्तर पर नया आयाम
जामनगर : रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वनतारा संगठन ने गुजरात के जामनगर में दुनिया के पहले वन्यजीव और पशुवैद्यक विज्ञान के एकीकृत वैश्विक विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है। यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान को समर्पित होगा।
इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य पशु कल्याण, वैज्ञानिक अनुसंधान और वन्यजीव संरक्षण के भविष्य को मजबूत करना है। यहां छात्रों को पशुवैद्यक दवाएं, वन्यजीव संरक्षण, पशु व्यवहार, अनुवांशिकी और रोग नियंत्रण जैसे विषयों में विशेषज्ञ बनाया जाएगा। साथ ही, भारतीय परंपरागत ज्ञान को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर भविष्य के लिए तैयार शिक्षा मॉडल विकसित किया जाएगा।
नालंदा से प्रेरणा, परंपरा से जुड़ाव
इस विश्वविद्यालय की अवधारणा प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की ज्ञान परंपरा से प्रेरित है। भूमिपूजन स्थल पर स्थापित बिजोलिया पत्थर प्राचीन विंध्यन संस्कृति का प्रतीक है, जो भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत को दर्शाता है।
शिष्यवृत्ति योजनाओं की घोषणा
इस अवसर पर ‘वनतारा यूनिवर्सिटी फाउंडिंग फेलोज’ और ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ नामक शिष्यवृत्तियों की घोषणा की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य ज्ञान का उपयोग केवल विकास के लिए नहीं बल्कि संरक्षण के लिए भी करना है।
जल, मिट्टी और पत्थरों को भारत के विभिन्न जैवविविध क्षेत्रों जैसे जंगल, घास के मैदान, आर्द्रभूमि और हिमालयी क्षेत्र से लाकर पारंपरिक विधि से स्थापना की गई। यह भारत की प्राकृतिक संपदा और विविधता को दर्शाने वाला प्रतीकात्मक कदम है।
क्या होंगी विश्वविद्यालय की विशेषताएं
१. बहुआयामी शैक्षणिक पाठ्यक्रम
इस विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और विशेष पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। इनमें वन्यजीव सर्जरी, पोषण, व्यवहार विज्ञान, अनुवांशिकी, संक्रामक रोग और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल होंगे।
२. आधुनिक सुविधाएं और शोध पर जोर
विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और रेजिडेंशियल कैंपस होगा। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए शिष्यवृत्ति की सुविधा भी दी जाएगी और रिसर्च को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रत्येक जीव के संरक्षण की दिशा में नई सोच
अनंत अंबानी ने कहा कि वन्यजीवों की सेवा के लिए सहानुभूति, ज्ञान और कौशल का संगम जरूरी है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र ‘आ नो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर के श्रेष्ठ विचारों को अपनाकर हर जीव की रक्षा करने वाली नई पीढ़ी तैयार करना ही उनका लक्ष्य है।
अनुभव आधारित शिक्षा पर जोर
वनतारा विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों को एक ही शैक्षणिक ढांचे में जोड़कर व्यावहारिक और अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करेगा। संगठन के अब तक के कार्यों के अनुभव को पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और अनुसंधान मॉडल में शामिल किया जाएगा, जिससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिलेगा।

